Women kidney health after 40
नई दिल्ली, एजेंसियां। 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है, खासकर किडनी की सेहत को लेकर। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के अनुसार, क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) शुरुआती दौर में बिना लक्षणों के बढ़ती है, जिससे यह और भी खतरनाक हो जाती है। बोर्ड-सर्टिफाइड डॉक्टर जॉन वैलेंटाइन ने चेतावनी दी है कि कुछ रोजमर्रा की आदतें धीरे-धीरे किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।
दर्द की दवाओं का नियमित सेवन
डॉ. वैलेंटाइन के मुताबिक, आइबुप्रोफेन जैसी ओवर-द-काउंटर दवाओं का लंबे समय तक सेवन किडनी की कार्यक्षमता को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। NSAIDs का अधिक उपयोग भविष्य में डायलिसिस की जरूरत तक पैदा कर सकता है।
पर्याप्त पानी न पीना
पानी की कमी से किडनी में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं। इससे पथरी, संक्रमण और किडनी डैमेज का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना 6–8 गिलास पानी पीना जरूरी है।
जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेना
हाई-प्रोटीन डाइट किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालती है। 40 के बाद अत्यधिक प्रोटीन का सेवन किडनी की फिल्टर क्षमता को कमजोर कर सकता है।
बार-बार पेशाब आना
खासतौर पर रात में बार-बार पेशाब आना किडनी फेलियर का शुरुआती संकेत हो सकता है। इसे नजरअंदाज करना गंभीर बीमारी की ओर ले जा सकता है।
पेशाब रोकने की आदत
महिलाओं में पेशाब रोकने की आदत आम है, लेकिन यह किडनी और ब्लैडर के लिए बेहद नुकसानदायक है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है और किडनी डैमेज की आशंका पांच गुना तक बढ़ सकती है।
डॉ. जॉन वैलेंटाइन के अनुसार, ये आदतें भले ही सामान्य लगें, लेकिन समय के साथ किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। 40 साल के बाद जीवनशैली में छोटे बदलाव करके किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
(Disclaimer: यह जानकारी सामान्य उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य निर्णय से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।)









