White marks on nails
नई दिल्ली, एजेंसियां। कई लोगों के नाखूनों पर सफेद निशान या धब्बे होते हैं, जो अक्सर नाखूनों के जन्म वाले हिस्से के पास दिखाई देते हैं। हालांकि यह आमतौर पर किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं होता, लेकिन कई बार लोग इसके पीछे का कारण जानने में रुचि नहीं रखते। इन्हें सामान्य तौर पर ‘ल्यूकोनीशिया’ कहा जाता है।
ल्यूकोनीशिया के प्रकार
नाखूनों पर सफेद धब्बे या निशान बनने के पीछे ल्यूकोनीशिया मुख्य कारण होती है। इसके तीन प्रमुख प्रकार हैं:
- ट्रू ल्यूकोनीशिया – जब नाखून के जड़ वाले हिस्से (नाखून मैट्रिक्स) में सफेद निशान बनते हैं।
- अपेरेंट ल्यूकोनीशिया – जब नाखून के नीचे की त्वचा में सफेद धब्बे दिखाई देते हैं।
- स्यूडोल्यूकोनीशिया – जब सफेद धब्बे सीधे नाखून की सतह पर बनते हैं।
ल्यूकोनीशिया क्यों होती है?
ल्यूकोनीशिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- एलर्जी – नाखूनों पर इस्तेमाल होने वाले नेल पेंट, नेल पॉलिश रिमूवर या अन्य केमिकल्स के कारण एलर्जी होने पर नाखूनों पर सफेद धब्बे बन सकते हैं।
- चोट या चोट के निशान – नाखूनों पर हल्की या गंभीर चोट के कारण भी सफेद निशान उभर सकते हैं।
- फंगल इंफेक्शन – कभी-कभी फंगल संक्रमण भी नाखूनों पर सफेद धब्बों का कारण बन सकता है।
- दवाओं के साइड इफेक्ट – कुछ दवाइयों के सेवन से नाखूनों में बदलाव आ सकते हैं, जिससे सफेद निशान बन सकते हैं।
कब ध्यान दें
अधिकतर मामलों में नाखूनों पर सफेद धब्बे हानिरहित होते हैं और समय के साथ गायब हो जाते हैं। लेकिन अगर धब्बे लगातार बढ़ रहे हैं, नाखूनों में दर्द या सुजन आ रही है, तो यह किसी फंगल इंफेक्शन या पोषण संबंधी कमी का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।






