Sweat warning signal:
नई दिल्ली, एजेंसियां। पसीना हमारे शरीर का एक सामान्य प्रक्रिया है, जो टेंपरेचर को नियंत्रित करने में मदद करती है। लेकिन हाल की रिसर्च और विशेषज्ञों के अनुसार, पसीने की गंध सिर्फ हाइजीन की कमी नहीं बल्कि अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याओं का भी संकेत हो सकती है। महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि हार्मोनल बदलाव और संक्रमण की संभावना ज्यादा होती है।
कौन-कौन सी बीमारियों का इशारा करती है पसीने की गंध
• बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन
पसीने की तेज और असामान्य गंध त्वचा पर बैक्टीरिया या फंगस की प्रतिक्रिया को दर्शाती है। लंबे समय तक बनी रहने वाली गंध स्किन इंफेक्शन का संकेत हो सकती है।
• यौन संक्रमण (STI)
कुछ यौन संक्रमण जैसे गोनोरिया या अन्य रोग शरीर की गंध बदल सकते हैं। यह तरीका पूरी तरह सटीक नहीं, लेकिन एक चेतावनी जरूर है।
• हार्मोनल असंतुलन
थायरॉइड और पीरियड्स से संबंधित गड़बड़ियों से पसीने की गंध प्रभावित हो सकती है।
• डायबिटीज
पसीने में मीठी या फल जैसी गंध इंसुलिन असंतुलन का संकेत देती है, जिसे किटोन ब्रीथ भी कहा जाता है।
• लिवर या किडनी की समस्या
पसीने से अमोनिया या यूरिन जैसी तीखी गंध लिवर या किडनी में खराबी का संकेत देती है।
विशेषज्ञों की सलाह
डियो से गंध छुपाने की बजाय इसके कारण को समझें। नियमित स्नान, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, योग और मेडिटेशन अपनाना जरूरी है। अगर असामान्य गंध लगातार बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
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