Vitamin K: शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ जाएं कि विटामिन-के है कमी, आज ही डाइट में शामिल करें ये फूड्स

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Vitamin K

नई दिल्ली, एजेंसियां। स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी माना जाता है। हमारी रोज़ की थाली में मौजूद पोषक तत्व न सिर्फ ऊर्जा देते हैं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी बचाव करते हैं। आमतौर पर लोग विटामिन-ए, सी और डी की बात तो करते हैं, लेकिन एक ऐसा विटामिन भी है जिस पर कम ध्यान दिया जाता है वह है विटामिन-के। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, विटामिन-के की कमी लंबे समय में शरीर के लिए गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकती है।

क्यों जरूरी है विटामिन-के?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ विटामिन-के को “ब्लड क्लॉटिंग विटामिन” भी कहते हैं। इसका मुख्य काम खून को जमाने में मदद करना है, ताकि चोट लगने पर ज्यादा ब्लीडिंग न हो। इसके अलावा यह विटामिन हड्डियों को मजबूत बनाने, कैल्शियम के सही उपयोग और दिल की सेहत को बेहतर रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। विटामिन-के धमनियों में कैल्शियम जमने से रोकता है, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है।

विटामिन-के की कमी से क्या समस्याएं हो सकती हैं?

अगर शरीर में विटामिन-के की कमी हो जाए, तो मामूली चोट लगने पर भी ज्यादा खून बह सकता है। इसके अलावा नाक से बार-बार खून आना, मसूड़ों से ब्लीडिंग और शरीर पर आसानी से नीले निशान पड़ना इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। लंबे समय तक कमी बनी रहे तो हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ता है। कुछ शोध यह भी बताते हैं कि विटामिन-के की कमी से हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है।

विटामिन-के क्या करता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन-के शरीर में ऐसे प्रोटीन को सक्रिय करता है जो खून को जमाने में मदद करते हैं। यह हड्डियों में कैल्शियम को बनाए रखने में सहायक है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस और जोड़ों की समस्याओं का खतरा कम होता है। साथ ही यह दिल की धमनियों को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है।

विटामिन-के के प्राकृतिक स्रोत

आहार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि विटामिन-के की पूर्ति के लिए अपनी थाली में हरी पत्तेदार सब्जियों को जरूर शामिल करें। पालक, मेथी, सरसों का साग, ब्रोकली और पत्तागोभी इसके अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा सोयाबीन, दही, फर्मेंटेड फूड्स, अंडा, मछली और मांसाहारी खाद्य पदार्थों में भी विटामिन-के पाया जाता है।

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