Lacking focus: ध्यान कम और दिमाग अचानक ब्लैंक? जानें क्यों हो रही है फोकस की कमी

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Lacking focus:

नई दिल्ली, एजेंसियां। आजकल कई लोग अचानक तनाव या दबाव की स्थिति में अपने दिमाग को काम नहीं करते हुए पाते हैं। इसे चिकित्सकीय भाषा में ‘अटेंशन स्पैन’ की कमजोरी कहा जाता है। इस समस्या के कारण हमारी सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है और काम, पढ़ाई या रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ता है। यदि इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन का कारण भी बन सकता है।

अधिक स्क्रीन का उपयोग:

मोबाइल, लैपटॉप और टीवी पर लगातार समय बिताना दिमाग को ओवरलोड करता है। नोटिफिकेशन और सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग से मल्टीटास्किंग की आदत बनती है, जो ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को कमजोर कर देती है।

खराब नींद:

पर्याप्त और अच्छी नींद दिमाग और शरीर दोनों के लिए जरूरी है। नींद की कमी से ‘ब्रेन फॉग’ या मानसिक धुंधलापन पैदा होता है, जिससे दिमाग काम करना बंद कर देता है और फोकस कमजोर हो जाता है।

तनाव और मानसिक थकान:

लगातार तनाव कोर्टिसोल जैसे हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाता है, जो याददाश्त और एकाग्रता वाले हिस्सों को प्रभावित करता है। इससे दिमाग जल्दी थक जाता है और ब्लैंक हो जाता है।

पोषण की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली:

विटामिन बी12, ओमेगा-3 फैटी एसिड और आयरन की कमी मस्तिष्क की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। शारीरिक गतिविधि की कमी से दिमाग में रक्त संचार कम होता है, जिससे ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है।

इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त नींद लें, स्क्रीन टाइम सीमित करें, संतुलित आहार अपनाएं और नियमित शारीरिक गतिविधियों में शामिल हों। मानसिक दबाव कम करने के लिए ध्यान और योग भी फायदेमंद हो सकते हैं।

नोट: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी प्रकार की समस्या या उपचार से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है।

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