Long life nutrients
नई दिल्ली, एजेंसियां। अच्छी सेहत और लंबी उम्र की चाह हर इंसान की होती है। अधिकतर लोग इसके लिए प्रोटीन को सबसे अहम पोषक तत्व मानते हैं, लेकिन अब न्यूट्रिशन साइंस में एक नया सच सामने आ रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और लॉन्गविटी डॉक्टरों के मुताबिक, लंबी उम्र और बीमारियों से बचाव के लिए प्रोटीन से ज्यादा जरूरी है फाइबर।
डाइट सुधार से बढ़ सकती है उम्र
डॉक्टरों का कहना है कि अगर लाइफस्टाइल के साथ-साथ डाइट में सुधार कर लिया जाए, तो कई गंभीर बीमारियों का खतरा अपने आप कम हो सकता है। शरीर को सिर्फ कैलोरी नहीं, बल्कि संतुलित पोषण की जरूरत होती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, मिनरल के साथ फाइबर की अहम भूमिका होती है।
फाइबर क्यों है इतना जरूरी?
फिजीशियन और लॉन्गविटी एक्सपर्ट डॉ. वैसिली एलियोपोलोस के अनुसार, फाइबर अब न्यूट्रिशन का नया हीरो बनकर उभरा है। फाइबर पाचन सुधारने के साथ-साथ दिल की सेहत, ब्लड शुगर कंट्रोल और वजन प्रबंधन में भी मदद करता है। नियमित फाइबर सेवन से समय से पहले मृत्यु का खतरा कम देखा गया है।
गट हेल्थ और इन्फ्लेमेशन पर असर
फाइबर हमारे गट माइक्रोब्स के लिए फूड का काम करता है। ये माइक्रोब्स फाइबर को शॉर्ट-चेन फैटी एसिड में बदलते हैं, जो शरीर में नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी की तरह काम करते हैं। इससे क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन कम होता है, जो कई गंभीर बीमारियों की जड़ माना जाता है।
दिल, वजन और शुगर कंट्रोल में मददगार
फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे ओवरईटिंग कम होती है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल घटाकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को भी कम करता है। साथ ही ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में सहायक है।
कितना फाइबर जरूरी?
एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना करीब 25 से 35 ग्राम फाइबर लेना चाहिए। साबुत अनाज, दालें, फल, हरी सब्जियां, बीज और नट्स इसके बेहतरीन स्रोत हैं।
कुछ ही हफ्तों में दिखता है असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डाइट में फाइबर बढ़ाने से कुछ ही हफ्तों में बेहतर डाइजेशन, ज्यादा एनर्जी और बेहतर फोकस महसूस होने लगता है। प्रोटीन मसल्स बनाता है, लेकिन फाइबर लंबी उम्र और बेहतर सेहत की नींव रखता है।
