Fertility test at home: जानें अपने प्रजनन स्वास्थ्य का हाल: ऐसे करें घर पर फर्टिलिटी रेट टेस्ट

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Fertility test at home:

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में तेजी से घटती फर्टिलिटी रेट अब चिंता का विषय बन चुकी है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत की कुल फर्टिलिटी रेट अब घटकर 1.9 बच्चे प्रति महिला रह गई है, जबकि देश की आबादी को स्थिर बनाए रखने के लिए यह दर 2.1 होनी चाहिए। यानी भारत की औसत महिला अब दो से कम बच्चों को जन्म दे रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आपकी अपनी फर्टिलिटी स्थिति क्या है और इसे घर पर कैसे जांचा जा सकता है?

महिलाओं के लिए घरेलू फर्टिलिटी टेस्ट

महिलाएं घर पर ओव्यूलेशन प्रिडिक्टर किट का इस्तेमाल कर सकती हैं। यह यूरिन में ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH) का स्तर मापती है। LH का बढ़ना संकेत देता है कि ओव्यूलेशन का समय नजदीक है — यही सबसे उपयुक्त समय होता है गर्भधारण के लिए।

एक अन्य तरीका है बेसल बॉडी टेम्परेचर ट्रैकिंग। सुबह उठते ही थर्मामीटर से शरीर का तापमान मापें। ओव्यूलेशन के बाद शरीर का तापमान हल्का बढ़ता है, जो प्रजनन क्षमता के सक्रिय होने का संकेत है।

इसके अलावा सर्वाइकल म्यूकस टेस्ट भी मददगार होता है। ओव्यूलेशन के दौरान म्यूकस पारदर्शी, खिंचने योग्य और अंडे की सफेदी जैसा हो जाता है।

पुरुषों के लिए घरेलू टेस्ट

पुरुष सीमन एनालिसिस किट के जरिए घर पर ही फर्टिलिटी जांच सकते हैं। इससे स्पर्म की संख्या, गतिशीलता (मोबिलिटी), आकार (मॉर्फोलॉजी) और क्वालिटी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

इन घरेलू तरीकों से केवल शुरुआती संकेत मिलते हैं। यदि लंबे समय से गर्भधारण में दिक्कत आ रही हो या रिपोर्ट असामान्य लगे, तो तुरंत किसी फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट या गायनेकोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। डॉक्टर ही सही निदान और उपचार के लिए सबसे विश्वसनीय स्रोत हैं।

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