रोज लेते हैं बीपी की गोलियां? एक बार जरूर जांच लें दवा का पैक नहीं तो हो सकती है समस्या

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Blood pressure pills

नई दिल्ली, एजेंसियां। हाई ब्लड प्रेशर आज दुनिया भर में तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। अनियंत्रित ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और आंखों से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बन सकता है। इसी वजह से डॉक्टर मरीजों को ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के लिए नियमित रूप से दवा लेने की सलाह देते हैं।

हालांकि हाल ही में हेल्थ रेगुलेटर ने बीपी की दवा लेने वाले मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यूके की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (MHRA) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ब्लड प्रेशर की कुछ दवाओं के पैक्स में गलत गोलियां होने की संभावना है। ऐसे में मरीजों को अपनी दवा की जांच करने की सलाह दी गई है।

पैकिंग में हुई गड़बड़ी की आशंका

रेगुलेटर के अनुसार, कुछ दवा पैक्स में रैमिप्रिल (Ramipril) की जगह गलती से एम्लोडिपाइन (Amlodipine) की गोलियां भर दी गई हो सकती हैं। यह गड़बड़ी पैकेजिंग के दौरान हुई होने की आशंका जताई जा रही है। यह चेतावनी मुख्य रूप से जेनेरिक फार्मास्युटिकल कंपनी क्रेसेंट फार्मा लिमिटेड द्वारा बनाए गए 5 मिलीग्राम रैमिप्रिल के कुछ पैक्स को लेकर दी गई है।

मरीजों को क्या करना चाहिए?

हेल्थ एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे अपने दवा पैक पर लिखे बैच नंबर की जांच जरूर करें। खास तौर पर यदि दवा के पैक पर GR164099 बैच नंबर लिखा है, तो सावधानी बरतनी जरूरी है।
मरीजों को यह भी देखना चाहिए कि पैक के अंदर मौजूद ब्लिस्टर स्ट्रिप पर कौन-सी दवा लिखी हुई है। यदि उस पर ‘Amlodipine’ लिखा हुआ है, तो उसे तुरंत फार्मेसी में वापस कर देना चाहिए। वहीं यदि स्ट्रिप पर ‘Ramipril’ सही तरीके से लिखा है, तो उसे वापस करने की जरूरत नहीं है।

गलत दवा लेने से क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार रैमिप्रिल और एम्लोडिपाइन दोनों ही हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने वाली दवाएं हैं, लेकिन ये शरीर में अलग-अलग तरीके से काम करती हैं। ऐसे में अगर किसी मरीज ने गलती से एम्लोडिपाइन ले भी ली है तो आमतौर पर गंभीर खतरा नहीं होता।

हालांकि कुछ मामलों में हल्का चक्कर आना या असहज महसूस होना जैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं। यदि किसी मरीज को ऐसी परेशानी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

दोनों दवाओं का काम अलग

रैमिप्रिल को ‘ACE इनहिबिटर’ कहा जाता है, जो रक्त वाहिकाओं को संकुचित करने वाले हार्मोन को रोककर रक्तचाप कम करता है। वहीं एम्लोडिपाइन ‘कैल्शियम चैनल ब्लॉकर’ है, जो रक्त वाहिकाओं की मांसपेशियों को रिलैक्स कर रक्त प्रवाह को आसान बनाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं के इस्तेमाल में हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी तरह की शंका होने पर तुरंत डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।

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