Gynecologist advice on periods: मासिक धर्म में कपड़े का उपयोग कितना सुरक्षित? जानें गायनेकोलॉजिस्ट की राय

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Gynecologist advice on periods

रांची। मासिक धर्म यानि पीरियड्स महिलाओं के शरीर की एक प्राकृतिक और सामान्य प्रक्रिया है, जो आमतौर पर किशोरावस्था से शुरू होकर एक निश्चित उम्र तक हर महीने होता है। इस दौरान गर्भाशय की अंदरूनी परत झड़ती है और मासिक धर्म के रूप में शरीर से बाहर निकलती है। मासिक धर्म आमतौर पर 3 से 7 दिन तक रहता है। जब हर महीने महिलाओं को पीरियड्स आते हैं तब उनके शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मीलतें हैं।

इस दौरान महिलाओं को निचले हिस्से के पेट-कमर में दर्द कमजोरी और मूड स्विंग्स जैसी समस्याओं से गुजरना पड़ता है, जो की किसी भी महिला के लिए आसान नहीं होता। मासिक धर्म के समय महिलाओं को स्वच्छता का खास ध्यान रखना होता है जिससे इन्फेक्शन होने के खतरे से बचा जा सके। इसलिए इस दौरान उन्हें सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करने बोला जाता है।

मिशन पिंक हेल्थ के सर्वेक्षण के अनुसार

हाल ही में मिशन पिंक हेल्थ के सर्वेक्षण में सामने आया कि आज भी लगभग 30 से 40 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जो सैनिटरी पैड के जगह कपड़े का उपयोग करती हैं। लेकिन सवाल यह है की क्या कपड़े का इस्तेमाल करना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए सही है? इसी संबंध में IDTV इंद्रधनुष की टीम ने स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) डॉक्टर नीतु सिन्हा से बात की और जाना कि क्या कपड़े का इस्तेमाल महिलाओं के स्वास्थय के लिए सही है? और सही नहीं हैं तो क्यों सही नहीं है?

डॉक्टर नीतू ने बताया

डॉक्टर नीतू ने बताया कि पीरियड्स के समय कपड़े का इस्तेमाल करना पूरी तरह से गलत नहीं है। लेकिन कपड़े का इस्तेमाल के लिए सख्त स्वच्छता नियमों का पालन जरूरी है। यदि साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए तो यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। डॉक्टर ने हमे बताया कि अगर कपड़े का इस्तेमाल किया जा रहा है तो यह ध्यान रखना जरूरी है कि कपड़ा मुलायम कॉटन का हो और कपड़े को हर 4-6 घंटे में बदला जाये।

इस्तेमाल किये गए कपड़े को हमेशा गरम पानी से धोकर अच्छी तरह धुप में सुखाएं जिससे सूरज की रौशनी पड़ने से कपड़े के कीटाणु मर जाये। एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि कपड़ा पूरे तरह से सूखा हो तभी उसे दुबारा इस्तेमाल करें कपड़े को ज्यादा दिनों तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कपड़े का इस्तेमाल करने की सलाह डॉक्टर जल्दी नहीं देते क्योंकि यदि कपड़ा ठीक से न धुला हो और गिला रहा तो इसमें कीटाणु और फंगस हो जाते है, जिसके इस्तेमाल से खुजली, बदबू, और इन्फेक्शन हो सकते हैं।

कपड़े का ज्यादा समय तक गिला रहना नुकसानदेह

पैड के मुकाबले कपड़ा नमी जल्दी सोख नहीं पाता और ज्यादा समय तक गिला रहना नुकसानदेह हो सकता है। जहां तक संभव हो, डॉक्टर सैनिटरी पैड, मेंस्ट्रुअल कप या री-यूजेबल कपड़ा पैड के इस्तेमाल की सलाह देते हैं, क्योंकि ये अधिक सुरक्षित और स्वच्छ माने जाते हैं।

गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार, पीरियड्स में कपड़े का इस्तेमाल तभी सुरक्षित है जब स्वच्छता के सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। लापरवाही की स्थिति में यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए जागरूकता और सही जानकारी बेहद जरूरी है, ताकि मासिक धर्म से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सके।

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