Cholesterol causes
नई दिल्ली, एजेंसियां। आजकल कोलेस्ट्रॉल बढ़ना एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि यदि उनका वजन कम है तो उन्हें कोलेस्ट्रॉल की चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि पतले या सामान्य वजन वाले लोगों में भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है।
कोलेस्ट्रॉल क्या है और क्यों बढ़ता है?
कोलेस्ट्रॉल शरीर में पाया जाने वाला एक प्रकार का फैट है, जो कोशिकाओं के निर्माण और कुछ जरूरी हॉर्मोन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन जब यह आवश्यक मात्रा से अधिक हो जाता है, तो यह हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है। पतले लोग भी खराब खानपान, प्रोसेस्ड और तली-भुनी चीजों का अधिक सेवन, मीठे का ज्यादा सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण उच्च कोलेस्ट्रॉल से प्रभावित हो सकते हैं।
जेनेटिक कारण और मेटाबॉलिज्म का असर
विशेषज्ञ बताते हैं कि परिवार में पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या होने पर पतले लोगों में भी इसका खतरा बढ़ जाता है। कुछ लोगों का मेटाबॉलिज्म और फैट प्रोसेसिंग अलग तरह से काम करता है, जिससे वजन सामान्य होने के बावजूद कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक हो सकता है। इसलिए केवल शरीर के वजन को देखकर कोलेस्ट्रॉल की स्थिति का अनुमान लगाना सही नहीं होता।
लक्षण और संकेत
हाई कोलेस्ट्रॉल के शुरुआती चरण में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। लेकिन यदि स्तर अधिक बढ़ जाता है, तो व्यक्ति को सीने में दर्द, जल्दी थकान, सांस लेने में परेशानी या पैरों में भारीपन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।
बचाव के तरीके
कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर चीजें डाइट में शामिल करनी चाहिए। तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजों का सेवन कम करना, नियमित व्यायाम करना और धूम्रपान तथा शराब से बचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना भी जरूरी है।







