Cauliflower Bloating
नई दिल्ली, एजेंसियां। सर्दियों के मौसम में फूलगोभी लगभग हर घर की रसोई में नजर आती है। स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। बावजूद इसके, कई लोगों को गोभी खाते ही गैस, पेट फूलना और भारीपन महसूस होने लगता है। इसकी मुख्य वजह गोभी में मौजूद रैफिनोज नामक कॉम्प्लेक्स शुगर और हाई फाइबर है, जिसे पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन अगर गोभी का सेवन सही तरीके से किया जाए, तो इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।
क्यों होती है गैस और ब्लोटिंग?
गोभी में मौजूद रैफिनोज शुगर छोटी आंत में पूरी तरह नहीं पच पाती। यह बड़ी आंत में पहुंचकर बैक्टीरिया द्वारा फर्मेंट होती है, जिससे गैस बनती है। इसके अलावा ज्यादा फाइबर भी कुछ लोगों के पाचन तंत्र के लिए भारी पड़ सकता है।

गोभी पकाने का सही तरीका
गोभी काटने के बाद उसे 10–15 मिनट गुनगुने नमक वाले पानी में भिगो दें। इससे वह थोड़ी नरम हो जाती है और पचाने में आसान रहती है। सब्जी बनाने से पहले गोभी को हल्का सा उबालकर उसका पानी फेंक देना भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे गैस बनाने वाले तत्व काफी हद तक निकल जाते हैं। ध्यान रखें कि गोभी को पूरी तरह पकाकर ही खाएं, कच्ची या अधपकी गोभी गैस की समस्या बढ़ा सकती है।
पाचक मसालों का करें इस्तेमाल
गोभी की सब्जी में हींग, अजवाइन, जीरा, सरसों, अदरक और लहसुन का प्रयोग जरूर करें। ये मसाले पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करते हैं और गैस बनने से रोकते हैं।
खाने का सही समय और मात्रा
गोभी को रात की बजाय दोपहर के भोजन में खाना बेहतर होता है, क्योंकि दिन में मेटाबॉलिज्म तेज रहता है। साथ ही, एक बार में बहुत ज्यादा गोभी खाने से बचें और पोर्शन कंट्रोल रखें।
खाने के बाद क्या करें?
गोभी खाने के बाद गुनगुना पानी पिएं और 1 चम्मच सौंफ चबाएं। इससे पाचन बेहतर होगा और ब्लोटिंग की समस्या नहीं होगी।अगर इन आसान टिप्स को अपनाया जाए, तो गोभी से मिलने वाले पोषक तत्वों का पूरा फायदा बिना गैस और पेट फूलने की परेशानी के उठाया जा सकता है।

