Digestive health warning
नई दिल्ली, एजेंसियां। कोलोरेक्टल कैंसर, जिसे कोलोन और रेक्टल कैंसर भी कहा जाता है, आज दुनिया के सबसे खतरनाक कैंसर में शामिल है। पहले यह बीमारी अधिकतर बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि ज्यादातर मरीजों में इसका पता शुरुआती चरण में नहीं, बल्कि आखिरी स्टेज में चलता है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है।
क्यों देर से पकड़ में आता है यह कैंसर
डॉक्टरों के मुताबिक, इस कैंसर के लक्षण सामान्य पेट की समस्याओं जैसे होते हैं। चूंकि इसमें शुरुआती दौर में दर्द नहीं होता, इसलिए लोग इसे गैस, कब्ज या पाइल्स समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही बीमारी को गंभीर बना देती है।
पॉटी के समय दिखने वाले 4 खतरनाक संकेत
पहला संकेत है मल का असामान्य रूप। अगर बार-बार पतली या पेंसिल जैसी पॉटी हो रही है, तो यह कोलोन में ट्यूमर का संकेत हो सकता है।
दूसरा लक्षण मल में ज्यादा म्यूकस यानी चिपचिपा पदार्थ आना है, जो आंतों में सूजन या ट्यूमर की ओर इशारा करता है।
तीसरा और सबसे गंभीर संकेत मल में खून आना है। यह लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
चौथा लक्षण बार-बार दस्त या लगातार कब्ज की समस्या है, जो लंबे समय तक बनी रहे तो खतरे की घंटी हो सकती है।
समय पर जांच से बच सकती है जान
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन लक्षणों को शुरुआती स्तर पर पहचान लिया जाए, तो कोलोरेक्टल कैंसर का इलाज संभव है। देर करने पर यह बीमारी शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती है और जानलेवा साबित हो सकती है।
डॉक्टर से बात करने में न करें शर्म
स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या को छिपाना खतरनाक हो सकता है। पॉटी से जुड़ी परेशानियों को नजरअंदाज न करें और समय रहते जांच कराएं, क्योंकि सही समय पर उठाया गया कदम आपकी जान बचा सकता है।

