Diet after 50 years
नई दिल्ली, एजेंसियां। 50 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए सही खानपान बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि इस उम्र के बाद शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें बदलने लगती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर इस पड़ाव पर डाइट में थोड़ी भी लापरवाही हो जाए तो कमजोरी, जोड़ों का दर्द, हाई ब्लड प्रेशर और इम्यूनिटी से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। फिटनेस कोच नवनीत रामप्रसाद के अनुसार, सही और संतुलित आहार अपनाकर इन परेशानियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
50 की उम्र के बाद मसल लॉस
उन्होंने बताया कि 50 की उम्र के बाद मसल लॉस तेजी से बढ़ता है, जिसका असर ताकत, बैलेंस और ब्लड शुगर कंट्रोल पर पड़ता है। ऐसे में डाइट में कुछ जरूरी बदलाव करना बेहद जरूरी है। सुबह खाली पेट भिगोए हुए मेथी के दाने खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है और शरीर की सूजन कम होती है। वहीं नाश्ते में चाय-बिस्किट की जगह ओट्स और ग्रीक योगर्ट शामिल करने से शरीर को पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर मिलता है, जिससे मसल्स मजबूत रहती हैं और पाचन भी बेहतर होता है।
इसके अलावा रागी या क्विनोआ जैसे पोषक अनाज आयरन, मैग्नीशियम और प्रोटीन से भरपूर होते हैं, जो लंबे समय तक ताकत और स्टैमिना बनाए रखने में मदद करते हैं। शाम के नाश्ते में भुने हुए कद्दू, सूरजमुखी और अलसी के बीज लेने से जोड़ों और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, क्योंकि इनमें हेल्दी फैट्स और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। रात के भोजन को हल्का और प्रोटीन से भरपूर रखने की सलाह दी जाती है, जिससे मसल्स की रिपेयर होती है और पाचन पर भी ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।
विशेषज्ञों के अनुसार
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर 50 साल से अधिक उम्र के पिता अपनी डाइट में इन चीजों को नियमित रूप से शामिल करते हैं, तो उनकी इम्यूनिटी मजबूत बनी रहती है और उम्र के साथ आने वाली कई सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है।

