High cholesterol symptoms: शरीर में बढ़ता कोलेस्ट्रॉल देता है त्वचा को किस तरह के चेतावनी, जानिए

3 Min Read

High cholesterol symptoms

नई दिल्ली, एजेंसियां। आज की तेज रफ्तार जिंदगी, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कोलेस्ट्रॉल शरीर में मौजूद एक प्रकार का फैट है, जो सामान्य मात्रा में हॉर्मोन निर्माण और कोशिकाओं की संरचना के लिए जरूरी होता है। लेकिन जब इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह ब्लड वेसल्स में जमा होकर कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार

विशेषज्ञों के अनुसार, हाई कोलेस्ट्रॉल का असर केवल दिल और रक्त वाहिकाओं तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके कुछ संकेत त्वचा पर भी दिखाई देने लगते हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य समस्या को जन्म दे सकता है।

राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी का क्या है कहना?

राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर त्वचा पर पीले या सफेद रंग की छोटी गांठें दिखाई दे सकती हैं, जिन्हें ज़ैंथिलाज्मा (Xanthelasma) कहा जाता है। ये अक्सर आंखों के आसपास, पलकों, कोहनी, घुटनों या एड़ियों पर बनती हैं। इसके अलावा आंखों के किनारों पर पीली परत या धब्बे भी हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे त्वचा को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता। इसका असर त्वचा की चमक पर पड़ता है और त्वचा रूखी व बेजान दिखाई देने लगती है। कई मामलों में हाथ-पैरों में झनझनाहट, त्वचा के रंग में बदलाव और घावों का देर से भरना भी देखने को मिलता है।

किन लक्षणों को हलके में नहीं लेना चाहिए?

डॉक्टरों का कहना है कि इन लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर जांच कराने से हाई कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी है। तले-भुने और जंक फूड से दूरी बनाना, डाइट में फल, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन शामिल करना फायदेमंद होता है। नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, पर्याप्त नींद और तनाव कम करना भी जरूरी है।

यदि त्वचा पर अचानक पीले धब्बे दिखाई दें, घाव जल्दी न भरें या ब्लड टेस्ट में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ मिले, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर पहचान और सही जीवनशैली अपनाकर हाई कोलेस्ट्रॉल से होने वाले जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Share This Article