Chicken thigh or breast
नई दिल्ली,एजेंसियां। आजकल फिटनेस को लेकर लोगों में काफी जागरूकता बढ़ी है। वजन घटाना हो, मसल्स बनानी हों या शरीर को हेल्दी रखना हो—हर लक्ष्य में प्रोटीन की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। नॉनवेज खाने वालों के लिए चिकन प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है, लेकिन चिकन के अलग-अलग हिस्सों में प्रोटीन, फैट और कैलोरी की मात्रा अलग-अलग होती है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि चिकन थाई खाएं या ब्रेस्ट?
डायटिशियन क्या कहती हैं?
होलिस्टिक डाइटिशियन डॉक्टर गीतिका चोपड़ा के मुताबिक, प्रोटीन चुनते समय सिर्फ मात्रा नहीं बल्कि फैट कंटेंट और लीन मास भी देखना जरूरी है। चिकन ब्रेस्ट एक लीन प्रोटीन सोर्स है, जिसमें अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह मसल्स रिपेयर, फैट लॉस और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। यही वजह है कि एथलीट्स, वजन घटाने वाले लोग, डायबिटिक और PCOS से जूझ रहे लोगों को चिकन ब्रेस्ट खाने की सलाह दी जाती है।
किसमें होता है ज्यादा प्रोटीन?
अगर 100 ग्राम पके हुए चिकन की बात करें तो चिकन ब्रेस्ट में करीब 22 से 25 ग्राम हाई-क्वालिटी प्रोटीन पाया जाता है। इसमें फैट की मात्रा बहुत कम होती है, जिससे यह हेल्दी ऑप्शन बन जाता है। वहीं चिकन थाई में लगभग 18 से 19 ग्राम प्रोटीन होता है, यानी प्रोटीन के मामले में ब्रेस्ट आगे है।
चिकन थाई के फायदे और नुकसान
चिकन थाई में फैट कंटेंट ज्यादा होता है, खासकर सैचुरेटेड फैट। इसी वजह से यह खाने में ज्यादा जूसी और टेस्टी लगती है। हालांकि, ज्यादा फैट और कैलोरी होने के कारण इसका रोजाना सेवन वजन बढ़ा सकता है और कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी पैदा कर सकता है।
पकाने का तरीका भी है जरूरी
एक्सपर्ट्स के अनुसार, चिकन को ग्रिल, उबालकर, स्टीम या हल्का सॉटे करके खाना सबसे फायदेमंद होता है। ज्यादा तेल या बटर में तला हुआ चिकन प्रोटीन के फायदे कम कर देता है।

