Breast surgery:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में स्तन कैंसर अब महिलाओं में सबसे आम कैंसर बन चुका है। साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार, अकेले इस वर्ष में 1,92,000 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए। अधिकांश मामलों की पहचान कैंसर के तीसरे या चौथे चरण में होती है, जब मास्टेक्टॉमी यानी ब्रेस्ट को पूरी तरह हटाना जीवन रक्षक विकल्प बन जाता है। हालांकि, यह केवल शारीरिक बदलाव नहीं होता; महिलाओं की मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर भी इसका गहरा असर पड़ता है।
डॉ. वेंकट रामकृष्णन के अनुसार:
डॉ. वेंकट रामकृष्णन, लीड, प्लास्टिक और ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, अपोलो एथेना वीमेंस कैंसर सेंटर, नई दिल्ली, के अनुसार, ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी के जरिए मास्टेक्टॉमी के बाद स्तन का आकार और रूप दोबारा बनाया जा सकता है। इसमें इम्प्लांट का उपयोग किया जा सकता है या मरीज के अपने शरीर के ऊतकों (पेट, पीठ या जांघ) का प्रयोग करके नया ब्रेस्ट तैयार किया जा सकता है। यह किसी प्रकार की सौंदर्य सर्जरी नहीं है, बल्कि कैंसर के कारण हुए शारीरिक परिवर्तन को सुधारने और जीवन गुणवत्ता बढ़ाने वाली सर्जरी है।
ब्रेस्ट हटने से महिला का आत्मविश्वास, शरीर के प्रति धारणा और सामाजिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं। रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी के बाद महिलाएं खुद को फिर से ‘पूर्ण’ महसूस कर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय शोध बताते हैं कि इस सर्जरी के बाद महिलाओं में डिप्रेशन और तनाव कम होते हैं और जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है।
आज की आधुनिक तकनीकें:
आज की आधुनिक तकनीकें इस सर्जरी को सुरक्षित और आसान बनाती हैं। माइक्रोसर्जरी तकनीक के जरिए मरीज के पेट के ऊतकों से नया ब्रेस्ट तैयार किया जा सकता है, जिसे DIEP फ्लैप तकनीक कहा जाता है। इसकी सफलता दर 99% से अधिक है और इसे कैंसर ऑपरेशन के साथ ही किया जा सकता है। यह न केवल प्राकृतिक दिखता है बल्कि उम्र के साथ शरीर के अनुरूप बदलता भी है।
भारत में ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन कम होने का मुख्य कारण जागरूकता की कमी है। कई बार मरीजों को यह विकल्प ही नहीं बताया जाता। जागरूकता बढ़ाने से न केवल महिला का आत्म-सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास भी लौटेगा।
नोट: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी मेडिकल उपचार या सर्जरी को अपनाने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
इसे भी पढ़ें
Health Tips: कब्ज से तुरंत राहत पाने के लिए अपनाएं ये 3 आसान स्टेप

