Pani Puri vs Golgappa: गोलगप्पा या पुचका? दोनों में क्या है फर्क, जानें किसका स्वाद है ज्यादा तगड़ा ?

Satish Mehta
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Pani Puri vs Golgappa:

नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में चटपटा स्नैक पसंद करने वालों की पहली पसंद गोलगप्पा, पानीपुरी या पुचका होती है। देखने में भले ही ये सभी एक जैसे लगते हों, लेकिन गोलगप्पा और पुचका के स्वाद, पानी, मसालों और बनाने के तरीकों में बड़ा अंतर है।

आमतौर पर गोलगप्पे सूजी या आटे से बनाए जाते हैं और इनमें उबले आलू को बारीक काटकर भरा जाता है। इसके पानी का स्वाद पुदीने और धनिया से आता है, जो हरे रंग का होता है और हल्का माइल्ड, फ्रेशनेस से भरा फ्लेवर देता है।

पुचका किन राज्यों में पसंद किया जाता ?है

वहीं पुचका बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा की पसंद है। इसमें पानी इमली, मसालों और काले नमक से तैयार होता है, जो हल्का ब्राउन और ज्यादा खट्टा-तीखा होता है। पुचका में आलू को मैश करके काले चने और मसालों के साथ मिलाया जाता है, जिससे इसका फ्लेवर और भी स्ट्रॉन्ग बनता है। यही अंतर इसे गोलगप्पे से बिल्कुल अलग पहचान देता है।

भारत के अलग-अलग राज्यों में गोलगप्पे कई नामों से जाने जाते हैं मध्य प्रदेश में ‘फुल्की’, पंजाब-हरियाणा में ‘पानी पताशे’, उत्तर प्रदेश में ‘बताशे’, ओडिशा में ‘गुपचुप’, असम में ‘फुस्का’ और पूर्वी भारत में ‘पुचका’। हर जगह के पानी, मसाले और भरावन का तरीका इसे अपना अलग स्वाद देता है।

क्या है गोलगप्पे का इतिहास ?

गोलगप्पे का इतिहास भी काफी रोचक है। माना जाता है कि इसकी शुरुआत महाभारत काल में द्रौपदी ने की थी, जब कुंती ने उन्हें कम सामान में पांडवों का पेट भरने वाला व्यंजन बनाने को कहा। वहीं इतिहासकार ‘फुल्की’ का उद्गम प्राचीन मगध से जोड़ते हैं। समय के साथ गोलगप्पा–पुचका स्वाद, नाम और तरीके में बदलते गए, लेकिन आज भी ये भारत का सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड बना हुआ है।

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