Traditional foods in Winter: सर्दियों में झारखंड के ये ट्रेडिशनल फूड हैं बेस्ट पौष्टिक प्लान

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Traditional foods in Winter:

रांची। इन दिनों सर्दी सता रही है। झारखंड समेत पूरा उत्तर भारत ठंड से कंपकपा रहा है। इस मौसम का सामना करने के लिए, यहां के लोग पारंपरिक रूप से ऐसे खाद्य पदार्थों और व्यंजनों का सेवन करते हैं, जो शरीर को गर्माहट प्रदान करते हैं, रोग-प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी बढ़ाते हैं और शरीर में ऊर्जा बनाए रखते हैं।

इन व्यंजनों में स्थानीय रूप से उपलब्ध अनाज, दालें और मौसमी साग-सब्जियां शामिल होती हैं। झारखंड के पारंपरिक खाद्य पदार्थ और व्यंजन केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सर्दी के मौसम में स्वास्थ्य और ऊर्जा बनाए रखने के लिए एक वैज्ञानिक और प्राकृतिक तरीका भी है।

नए चावल के माड़ भात से पेट रहता है भरा और मिलती है गर्मीः

जाड़ा शुरू होते ही नए चावल खलिहान से घर आना शुरू हो जाता है। इस समय इसका माड़ भात या मरसटका या मरबझु बनाया जाता है। यानी चावल से माड़ नहीं निकाला जाता है और गीला करके खाया जाता है। गोड़ा चावल या लाल या देसी चावल का मरभत्ता देर तक पेट भरा रखता है। यह चावल कार्बोहाइड्रेट के साथ कई तरह के विटामिन व प्रोटीन से भरा होता है। इससे शरीर को गर्मी मिलती है।

शकरकंद गर्माहट प्रदान करता हैः

झारखंड में खूब शकरकंद उपजाए जाते हैं। इसे भूनकर या उबालकर खाया जाता है। यह जटिल कार्बोहाइड्रेट और गर्माहट प्रदान करता है। बथुआ, मेथी, चना, मूली आदि का साग शरीर में हर तरह के विटामिन भर देते हैं। तिलकुट शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है।

पीठा ठंड का बेहतरीन पौष्टिक प्लानः

चना और उड़द की दाल प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं और सर्दियों में शरीर को आवश्यक पोषण देते हैं। नए चावल को पीसकर उसमें ये दालें भर कर पीठे बनाए जाते हैं। यह भाप में पकाया जाता है, जिससे सुपाच्य और पेट के लिए लाभदायक होता है। इसमें गुड़ और तिल भी भरा जाता है, जो ठंड से लड़ने में सहायक सिद्ध होते हैं।

सर्दियों में गुड़ के व्यंजन हैं खासः

झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में जाड़े के समय गुड़ से कई व्यंजन बनाए जाते हैं। इसमें सबसे खास अरसा होता है, जो क्रिसमस से लेकर होली तक खूब बनते हैं। इसके साथ घटरा या चावल के पुए भी बनाए जाते हैं। चावल, दूध और गुड़ के साथ दुधौरी बनती है, जो शरीर को गर्माहट के साथ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। वैसे लोग ठंड में गुड़ बने लकठो भी खूब खाते हैं।

रागी की गर्म तासीर भी फायदेमंदः

मड़ुआ या रागी गर्म तासीर का होता है और इसमें उच्च फाइबर और कैल्शियम होता है। इसकी रोटी या छिलका ठंड में ऊर्जा का एक बेहतरीन स्रोत है। इसके साथ लोग इस मौसम में मिलने वाले इम्युनिटी की चटनी खाते हैं। इम्युनिटी खून की कमी दूर करने में मदद करता है। शरीर को ताजगी देता है। ..आपको भी यदि सर्दियों में गर्माहट और ताजगी चाहिए, तो झारखंड के इन ट्रेडिशनल फूड्स को जरूर ट्राई करें।

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