BCCI umpires salary:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पिछले कुछ वर्षों में खिलाड़ियों की सैलरी और कॉन्ट्रैक्ट राशि में लगातार बढ़ोतरी की है। पुरुष और महिला क्रिकेट, इंटरनेशनल और घरेलू स्तर हर जगह खिलाड़ियों की कमाई में इजाफा हुआ है। लेकिन इसी दौरान क्रिकेट मैचों के सबसे अहम स्तंभ अंपायरों की सैलरी पर पिछले सात साल से कोई ध्यान नहीं दिया गया। एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि BCCI के अंतर्गत आने वाले अंपायरों की रोजाना मिलने वाली फीस 2018 से अब तक नहीं बढ़ी है।
186 अंपायर, चार कैटेगरी में बंटे
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल BCCI के पैनल में कुल 186 अंपायर शामिल हैं। इन्हें चार कैटेगरी—A+, A, B और C—में बांटा गया है, ठीक वैसे ही जैसे खिलाड़ियों के ग्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट होते हैं। इनमें A+ कैटेगरी में 9, A में 20, B में 58 और C कैटेगरी में 99 अंपायर हैं। घरेलू क्रिकेट के व्यस्त कैलेंडर के बावजूद इन्हीं अंपायरों पर पूरे सीजन की जिम्मेदारी होती है।
एक दिन की सैलरी कितनी?
A+ और A कैटेगरी के अंपायरों को एक मैच के लिए 40 हजार रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जबकि B और C कैटेगरी के अंपायरों को 30 हजार रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है। हैरानी की बात यह है कि यह भुगतान संरचना पिछले सात वर्षों से बिल्कुल नहीं बदली है, जबकि इसी दौरान खिलाड़ियों की फीस और पुरस्कार राशि में कई गुना बढ़ोतरी हो चुकी है।
अंपायर्स कमेटी की सिफारिशें
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि BCCI की अंपायर्स कमेटी ने एपेक्स काउंसिल को सिफारिश दी थी कि चार की जगह सिर्फ दो कैटेगरी रखी जाएं और सभी अंपायरों को समान रूप से 40 हजार रुपये प्रतिदिन दिया जाए। हालांकि, बोर्ड ने इस प्रस्ताव को फिलहाल टालते हुए एक नई कमेटी बनाने का फैसला किया है, जो अगली एपेक्स काउंसिल बैठक में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।घरेलू क्रिकेट के लगातार बढ़ते दबाव और जिम्मेदारियों को देखते हुए अब अंपायरों की सैलरी पर BCCI का अगला फैसला काफी अहम माना जा रहा है।

