bangladesh Election 2026: 17 साल बाद लौटे Tarique Rahman, बीएनपी जीत के बाद पीएम पद के प्रबल दावेदार

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Bangladesh Election 2026

ढाका, एजेंसियां। बांग्लादेश की राजनीति में 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद लौटे तारिक रहमान ने महज दो महीनों में चुनावी तस्वीर बदल दी। दिसंबर 2025 में वे अपनी पत्नी जुबैदा और बेटी के साथ ढाका लौटे थे। उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री Khaleda Zia की तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी वापसी हुई, लेकिन 30 दिसंबर को खालिदा जिया का निधन हो गया। इसके बाद रहमान ने पार्टी की कमान संभाल ली और संगठन को तेजी से सक्रिय किया।

कौन हैं तारिक रहमान?

तारिक, पूर्व राष्ट्रपति Ziaur Rahman और खालिदा जिया के बड़े बेटे हैं। उन्हें बांग्लादेशी राजनीति का ‘राजकुमार’ कहा जाता है। 2001-06 के दौरान बीएनपी सरकार में उनकी सक्रिय भूमिका रही, लेकिन भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और 2004 के ग्रेनेड हमले जैसे मामलों में दोषसिद्धि के बाद 2008 में वे लंदन चले गए।

17 साल तक क्यों रहे देश से बाहर?

Sheikh Hasina के सत्ता में आने के बाद बीएनपी नेताओं पर कानूनी कार्रवाई तेज हुई। रहमान को कई मामलों में सजा सुनाई गई। यदि वे देश लौटते तो गिरफ्तारी तय मानी जाती थी। इसलिए वे विदेश से ही Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष के तौर पर काम करते रहे।

वापसी का रास्ता कैसे साफ हुआ?

2024 में छात्र आंदोलनों और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ। अंतरिम सरकार ने रहमान पर लगे आरोप खारिज कर दिए और फरवरी 2026 में चुनाव की घोषणा हुई। इसके बाद उनकी स्वदेश वापसी संभव हो सकी।

चुनावी नतीजों ने बदली तस्वीर

2026 के आम चुनाव में बीएनपी को स्पष्ट बहुमत मिला है। रहमान ने रैलियों में लोकतंत्र की बहाली, सभी धर्मों के लिए समान अधिकार और युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया। उनकी वापसी ने ‘बैटल ऑफ बेगम’ के दौर के बाद बांग्लादेश की राजनीति को नई दिशा दे दी है। अब वे प्रधानमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

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