Nishikant Dubey
नई दिल्ली, एजेंसियां। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल किया है। यह नोटिस राहुल गांधी द्वारा इंडिया-US ट्रेड डील और केंद्रीय बजट पर उठाए गए सवालों के बाद दिया गया है।
क्या है मामला?
लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने इंडिया-US ट्रेड समझौते और यूनियन बजट को लेकर सरकार से जवाब मांगा था। अपने भाषण में उन्होंने राजनीति की तुलना मार्शल आर्ट से करते हुए ‘ग्रिप’ और ‘चोक’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई थी।
निशिकांत दुबे का आरोप
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने तथ्यों के बिना आरोप लगाए और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया। लोकसभा सचिवालय में दाखिल नोटिस में कहा गया है कि सदन की मर्यादा का उल्लंघन हुआ है। यह नोटिस लोकसभा नियमावली के Rule 380 के तहत दिया गया है, जिसके अंतर्गत आपत्तिजनक शब्दों को रिकॉर्ड से हटाया जा सकता है।
क्या सदस्यता पर खतरा है?
फिलहाल यह विशेषाधिकार हनन और रिकॉर्ड से शब्द हटाने से जुड़ा मामला है। यदि इसे सदन में आगे बढ़ाया जाता है और विशेषाधिकार समिति जांच करती है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि सदस्यता समाप्ति का फैसला प्रक्रिया और समिति की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
विशेषाधिकार नोटिस को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा, “आप लोगों को वे लोग कीवर्ड्स देते हैं क्या?”
पहले भी जा चुकी है सदस्यता
साल 2023 में सूरत की अदालत द्वारा मानहानि मामले में दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि बाद में उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई थी। अब देखना होगा कि विशेषाधिकार नोटिस पर लोकसभा में क्या रुख अपनाया जाता है और क्या यह मामला आगे बढ़ता है या नहीं।








