Lalu Prasad’s political struggle:
पटना, एजेंसियां। पटना के महुआबाग में बन रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के नए घर ने बिहार की राजनीति में जोरदार हलचल मचा दी है। बंगले की तस्वीरें वायरल होने के बाद भाजपा ने इसे कथित घोटालों से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि राजद और कांग्रेस ने भाजपा पर राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है।
भाजपा का हमला
भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने दावा किया कि यह बंगला ‘‘लालू एंड फैमिली प्राइवेट लिमिटेड’’ के घोटालों की उपज है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि परिवार का कोई व्यवसाय नहीं है, फिर भी बंगले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भाजपा ने सोशल मीडिया पर घर की तस्वीरें शेयर कर इसे ‘‘लूटवाद का नमूना’’ बताया। पार्टी प्रवक्ताओं ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर इस निर्माण की जांच होगी और आय से अधिक संपत्ति पाई गई तो कार्रवाई तय है।
जदयू भी भाजपा के सुर में सुर मिलाते हुए बोला कि बिहार की जनता लालू प्रसाद को ‘‘करप्शन का प्रतीक’’ मानती है। जदयू नेताओं ने चारा घोटाले से लेकर नौकरी घोटाले तक कई मामलों का हवाला दिया।
RJD का पलटवार
भाजपा के आरोपों पर RJD ने तीखा पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि लालू परिवार के घर पर सवाल उठाने से पहले भाजपा अपने नेताओं की संपत्ति पर जवाब दे। उन्होंने कहा कि भाजपा चर्चा भटकाने के लिए झूठा शोर मचा रही है, जबकि यह एक सामान्य निजी आवास है।
कांग्रेस का तंज
कांग्रेस ने भी भाजपा और जदयू को घेरा। नेता असित नाथ तिवारी ने कहा कि आरोप लगाना आसान है, लेकिन दोनों दलों के कई विधायकों की संपत्ति भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।
क्यों बना बंगला विवाद का केंद्र?
महुआबाग में निर्माणाधीन इस घर का आकार, लोकेशन और डिजाइन सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। भाजपा इसे ‘‘आलीशान महल’’ बता रही है, जबकि राजद का कहना है कि इसमें किसी घोटाले की रकम का सवाल ही नहीं उठता।
इस बीच, घर को लेकर उठ रहा राजनीतिक तूफान बिहार की सियासत में नए टकराव का संकेत दे रहा है।
