Congress election strategy
नई दिल्ली, एजेंसियां। नई दिल्ली में शनिवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक हुई। इसमें मनरेगा की जगह लाए गए नए कानून, मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की।
देश में लोकतंत्र संकट मेः
खरगे ने कहा कि देश इस समय लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों के गंभीर संकट से गुजर रहा है। उन्होंने मनरेगा को खत्म करने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे करोड़ों गरीब और कमजोर वर्ग के लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मनरेगा को ग्रामीण भारत के लिए अहम योजना बताते हुए इसके समर्थन में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन चलाने की बात कही।
लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की साजिशः
SIR को लेकर खरगे ने चिंता जताते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मतदाता सूची से दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के नाम न हटें।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को लेकर चिंताः
बैठक में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों और देश में सौहार्द बिगाड़ने की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। इसके अलावा सरकार के खिलाफ कांग्रेस की रणनीति और नए रोजगार कानून के विरोध में देशभर में प्रदर्शन करने पर भी चर्चा हुई।
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर मंथनः
कार्यसमिति की बैठक में तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अगले साल असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी विचार किया गया।
स्व. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पितः
इस दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने असम सरकार पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भ्रष्टाचार और कुशासन का मुद्दा उठाया। बैठक से पहले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि भी दी गई।







