Zeenat Aman
मुंबई, एजेंसियां। दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान ने हाल ही में बॉलीवुड में आए सकारात्मक बदलावों पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि आज का फिल्म उद्योग पहले की तुलना में अधिक समावेशी और प्रगतिशील हो गया है, खासकर अभिनेत्रियों के लिए। उनके मुताबिक अब शादी या मां बनने के बाद भी अभिनेत्रियों को अच्छे और मजबूत किरदार मिल रहे हैं, जबकि उनके दौर में ऐसा नहीं था।
जीनत अमान ने कहा, “आज की अभिनेत्रियां शादी और मातृत्व के बाद भी अपने करियर को मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं। मेरे समय में हीरोइन का करियर बहुत छोटा माना जाता था। शादी के बाद तो अक्सर यह मान लिया जाता था कि उसका फिल्मी सफर खत्म हो गया।” उन्होंने माना कि यह बदलाव सिनेमा के लिए बेहद सकारात्मक है।
सेट पर महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी
अभिनेत्री ने कैमरे के पीछे महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी संतोष जताया। उन्होंने कहा, “आजकल फिल्म सेट पर कई लड़कियां और महिलाएं विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं में काम कर रही हैं। मेरे दौर में सेट पर बहुत कम महिलाएं दिखती थीं। अक्सर सिर्फ मैं और मेरी हेयरड्रेसर ही महिला होती थीं।”उन्होंने हाल ही में रिलीज हुई सीरीज The Royals का उदाहरण देते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट में कैमरा पर्सन, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर—कई अहम पदों पर महिलाएं थीं। जीनत के अनुसार यह बदलाव इंडस्ट्री की सोच में आए व्यापक परिवर्तन को दर्शाता है।
बदली सोच, बदला सिनेमा
जीनत अमान ने कहा कि आज का सिनेमा समाज के बदलते नजरिए को बेहतर तरीके से दर्शा रहा है। अभिनेत्रियों को अब केवल ग्लैमर तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें कहानी के केंद्र में रखा जाता है। यह बदलाव नई पीढ़ी की सोच और दर्शकों की स्वीकार्यता का परिणाम है।
यादगार रहा फिल्मी सफर
जीनत अमान ने 1971 में फिल्म ‘हलचल’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने ‘हरे राम हरे कृष्णा’, ‘यादों की बारात’, ‘डॉन’ और ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। 1970 के दशक में वह बॉलीवुड की सबसे ग्लैमरस और प्रोग्रेसिव अभिनेत्रियों में शुमार रहीं।आज भी जीनत अमान सक्रिय हैं और नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ काम कर रही हैं। इंडस्ट्री में आए इस सकारात्मक बदलाव को लेकर उनकी खुशी यह दर्शाती है कि सिनेमा अब पहले से कहीं ज्यादा समानता और अवसर प्रदान करने वाला बन चुका है।








