Vikrant Massey
मुंबई, एजेंसियां। टीवी इंडस्ट्री से निकलकर फिल्मों में अपनी मजबूत पहचान बनाना हर कलाकार के बस की बात नहीं होती, लेकिन विक्रांत मैसी उन चुनिंदा अभिनेताओं में शामिल हैं जिन्होंने छोटे पर्दे से बड़े पर्दे तक का सफर सफलतापूर्वक तय किया। कई साल तक टीवी शोज़ में काम करने के बाद विक्रांत ने फिल्मों और वेब सीरीज के जरिए खुद को एक दमदार अभिनेता के रूप में स्थापित किया।
17 साल का करियर, 45 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स
विक्रांत मैसी ने अपने करीब 17 साल लंबे करियर में 45 से अधिक टीवी शोज़, वेब सीरीज और फिल्मों में काम किया है। उन्होंने हर मंच पर अपनी सशक्त अभिनय क्षमता का परिचय दिया। हालांकि, सफलता के साथ उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। करवा चौथ के मौके पर पत्नी के पैर छूते हुए एक तस्वीर साझा करने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया गया था। कुछ लोगों ने उन्हें ‘जोरू का गुलाम’ तक कह दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विक्रांत ने कहा था कि बहुएं और बेटियां घर की लक्ष्मी होती हैं और लक्ष्मी के पैर छूने में उन्हें कोई गलत बात नहीं लगती।
नेशनल अवॉर्ड से मिली बड़ी पहचान
विक्रांत मैसी को हाल ही में 71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर का सम्मान मिला। इस श्रेणी में वे शाहरुख खान के साथ संयुक्त विजेता रहे। विक्रांत को यह सम्मान फिल्म ‘12वीं फेल’ के लिए मिला, जबकि शाहरुख खान को ‘जवान’ के लिए यह अवॉर्ड दिया गया। इस उपलब्धि पर विक्रांत ने इसे दर्शकों के प्यार और अपने संघर्ष का फल बताया।

टीवी से मिली पहली पहचान
विक्रांत मैसी का जन्म मुंबई के एक साधारण परिवार में हुआ। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2007 में टीवी शो ‘धूम मचाओ धूम’ से की। इसके बाद ‘धरम वीर’, ‘बालिका वधू’, ‘कबूल है’ और ‘बड़ा ऐसो वर ढूंढो’ जैसे लोकप्रिय शोज़ में काम किया।
फिल्मों में उन्होंने 2013 में ‘लुटेरा’ से कदम रखा और धीरे-धीरे खुद को लीड एक्टर के रूप में स्थापित किया। ओटीटी सीरीज ‘मिर्जापुर’ ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

















