The Kerala Story 2: ‘द केरल स्टोरी 2’ पर थरूर का हमला, बोले– झूठ से भरी है कहानी

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The Kerala Story 2

नई दिल्ली, एजेंसियां। 2023 की चर्चित फिल्म The Kerala Story के सीक्वल ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ की रिलीज से पहले ही सियासी और सामाजिक विवाद तेज हो गया है। आगामी 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही इस फिल्म को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कड़ा विरोध जताया है। उनका आरोप है कि यह फिल्म समाज में नफरत और विभाजन को बढ़ावा देती है तथा तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करती है।

मीडिया से बातचीत के दौरान थरूर ने क्या कहा?

मीडिया से बातचीत के दौरान थरूर ने कहा कि पहली फिल्म में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के जो दावे किए गए थे, उनका कोई ठोस आधार नहीं था। उन्होंने कहा, “हजारों लोगों के धर्मांतरण की बात पूरी तरह झूठ है। वास्तविकता में ऐसे मामलों की संख्या बेहद सीमित रही है। इक्का-दुक्का घटनाओं को आधार बनाकर एक भयावह और व्यापक कहानी गढ़ना गलत है।” थरूर के मुताबिक सिनेमा का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि उसे बांटना।

उन्होंने 1977 की लोकप्रिय फिल्म Amar Akbar Anthony का उदाहरण देते हुए कहा कि वह फिल्म सांप्रदायिक सौहार्द और एकता का संदेश देती थी। उनके अनुसार उस दौर में ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहन भी मिलता था, जबकि आज विभाजनकारी कथाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर समाज में अविश्वास और भय का माहौल बनाना उचित है?

‘द केरल स्टोरी 2’ कट्टरपंथ और लक्षित रेडिकलाइजेशन

दूसरी ओर, फिल्म के निर्माताओं का दावा है कि ‘द केरल स्टोरी 2’ कट्टरपंथ और लक्षित रेडिकलाइजेशन के मुद्दों को उजागर करती है। हाल ही में जारी ट्रेलर में राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल की पृष्ठभूमि पर आधारित घटनाओं को दिखाया गया है। प्रमोशनल सामग्री में मेकर्स ने कहा है कि फिल्म उन सचाइयों को सामने लाएगी, जिन्हें लंबे समय से दबाया गया है।फिल्म कानूनी चुनौतियों का भी सामना कर रही है। ट्रेलर और केरल के चित्रण को लेकर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिस पर अदालत ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सेंसर बोर्ड और निर्माताओं को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को निर्धारित है।

Pinarayi Vijayan ने भी फिल्म की आलोचना की

इस विवाद में केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan ने भी फिल्म की आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मनगढ़ंत कथाओं के जरिए राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। फिल्म की रिलीज से पहले बढ़ता यह विवाद अब राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर गरमाता दिख रहा है।

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