Jana Nayakan controversy
चेन्नई, एजेंसियां। विजय थलापति की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन मामले में एक नया मोड़ जरूर आ गया है। मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के खिलाफ दायर याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है। इसके बाद अब फिल्म की रिलीज पूरी तरह सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया पर निर्भर हो गई है।मंगलवार सुबह इस मामले की सुनवाई जस्टिस पी.टी. आशा की सिंगल बेंच में हुई, जहां कोर्ट ने निर्माताओं को अपना केस वापस लेने की इजाजत दी। मेकर्स ने पहले ही हाईकोर्ट रजिस्ट्री को सूचित कर दिया था कि वे इस मामले में नई कानूनी रणनीति अपनाना चाहते हैं।
रिलीज डेट को लेकर अटकलें जारी
फिल्म ‘जन नायकन’ मूल रूप से 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने के कारण रिलीज टालनी पड़ी। अब खबरें सामने आ रही हैं कि फिल्म 20 फरवरी को सिनेमाघरों में आ सकती है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। जब तक CBFC फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं देता, तब तक रिलीज संभव नहीं होगी।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने के बाद निर्माताओं ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया था। पहले एकल पीठ ने सेंसर बोर्ड को फिल्म को प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने इस आदेश पर रोक लगा दी। इसके बाद निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की, जहां सुनवाई से इनकार कर दिया गया।अब हाईकोर्ट से केस वापस लेने के बाद फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज का फैसला सेंसर बोर्ड की समीक्षा पर निर्भर करेगा। विजय के राजनीति में कदम रखने से पहले रिलीज होने वाली इस फिल्म को लेकर फैंस के बीच उत्साह बना हुआ है।

















