एक चतुर नार और सॉन्स ऑफ पैराडाइज: दो महिलाओं की दो दुनियाओं से दिल छू लेने वाली कहानियां

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Ek Chatur Naar and Sons of Paradise:

मुंबई, एजेंसियां। अगस्त के अंत में दो अनोखी कहानियां सिनेमा प्रेमियों के लिए लेकर आ रही हैं एक काल्पनिक और दूसरी सच्ची, लेकिन दोनों ही महिलाओं के आत्म-संघर्ष, महत्वाकांक्षा और सामाजिक बेड़ियों को तोड़ने की जद्दोजहद पर आधारित हैं। उमेश शुक्ला द्वारा निर्देशित “एक चतुर नार” में दिव्या खोसला ने एक लखनऊ की बस्ती में रहने वाली महिला का किरदार निभाया है, जो गरीबी से उबरने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इस फिल्म में ‘चतुर’ शब्द को नए अर्थ में परिभाषित किया गया है आज की स्मार्ट, महत्वाकांक्षी, और परिस्थितियों से जूझती महिला।

क्या है ट्रेलर में ?

ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे वह घरेलू काम से लेकर ऊंचे कारोबारी नेटवर्क तक सफर तय करती है। वहीं, “सॉन्स ऑफ पैराडाइज” एक सच्ची कहानी पर आधारित है कश्मीर की पहली महिला गायिका राज बेगम की, जिन्हें फिल्म में नूर बेगम के नाम से दिखाया गया है। दानिश रेंजू निर्देशित यह फिल्म उनके जीवन के संघर्ष, समाजिक प्रतिबंधों, और उनकी आत्मा को झंकृत कर देने वाली आवाज की कहानी है।

सबा आज़ाद और सोनी राज़दान:

सबा आज़ाद और सोनी राज़दान के शानदार अभिनय से सजी यह फिल्म अमेज़न प्राइम वीडियो पर 29 अगस्त को रिलीज हो रही है। दोनों फिल्मों के ट्रेलर दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रहे हैं और इनमें दिखाए गए महिला पात्र समाज के दो अलग-अलग वर्गों और भूगोल से होने के बावजूद एक जैसी जिजीविषा का प्रदर्शन करते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि पूरी फिल्म इन झलकियों को कितना विस्तार दे पाती है।

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