Galwan Valley battle
नई दिल्ली, एजेंसियां। साल 2020 में भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प फिर चर्चा में है। इस झड़प पर आधारित सलमान खान की फिल्म “बैटल ऑफ गलवान” का टीजर 27 दिसंबर को रिलीज हुआ, जिसे चीन ने तुरंत विवादित बताया। चीनी सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने फिल्म को फैक्ट न बताने वाला और सिर्फ मनोरंजन पर आधारित बताया। अखबार ने चेतावनी दी कि इस तरह की फिल्में दोनों देशों के रिश्तों पर असर डाल सकती हैं।
लड़ाई के नुकसान
रिसर्च रिपोर्ट द क्लैक्शन के मुताबिक, गलवान घाटी की झड़प में चीन को भारत की तुलना में ज्यादा नुकसान हुआ। चीन के 38 सैनिक मारे गए, जबकि उसने आधिकारिक तौर पर सिर्फ 5 मौतें बताईं। भारत ने इस झड़प में 20 जवान खो दिए, जिनमें कर्नल संतोष भी शामिल थे। 70 से ज्यादा भारतीय सैनिक घायल हुए।
लड़ाई की वजह
गलवान की लड़ाई का मुख्य कारण चीन का एलएसी पर निर्माण कार्य और भारत द्वारा गलवान में अस्थाई पुल निर्माण था। जून की शुरुआत में चीन ने इसका विरोध किया, जिससे 6 जून के आसपास सैनिकों के बीच झड़प हुई। बाद में दोनों पक्षों ने सीमा पार न करने का समझौता किया, लेकिन 15 जून की रात चीन ने इसे तोड़ दिया।
सैन्य कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने भारतीय सैनिकों पर हमला करने के लिए कम से कम 150 सैनिक तैनात किए। उन्होंने पत्थरों और अन्य साधनों का इस्तेमाल किया। इस झड़प में भारत और चीन दोनों को मानवीय और सामरिक नुकसान हुआ, और गलवान घाटी की लड़ाई भारत-चीन सीमा विवाद का संवेदनशील मुद्दा बनी रही। यह झड़प और अब फिल्म विवाद गलवान की लड़ाई की स्मृति और दोनों देशों के तनाव को फिर से चर्चा में ला रहा है।






