Vikrant Jaitley case
नई दिल्ली, एजेंसियां। अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई और रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जेटली से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। विक्रांत जेटली वर्ष 2024 से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हिरासत में हैं और उन्हें भारत वापस लाने के लिए परिवार कानूनी प्रयास कर रहा है। इसी सिलसिले में सेलिना जेटली ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
हालिया सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने विक्रांत जेटली की पत्नी के वकील को निर्देश दिया कि वे अदालत में एक नोट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करें। अदालत ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि विक्रांत जेटली की इच्छा और उनकी ओर से अपनाई जा रही कानूनी रणनीति को गोपनीय रूप से समझा जा सके। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है।
केंद्र सरकार ने क्या जानकारी दी है
इस मामले में केंद्र सरकार ने भी अदालत को नई जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने बताया कि यूएई प्रशासन से कांसुलर पहुंच (Consular Access) के लिए औपचारिक अनुरोध किया गया है, ताकि भारतीय अधिकारियों को विक्रांत जेटली से मिलने की अनुमति मिल सके और उनकी स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सके।परिवार की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि विक्रांत जेटली को भारत लाया जाए या कम से कम उन्हें कानूनी सहायता और कूटनीतिक सहयोग मिल सके। अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानूनी गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
अब इस मामले में आगे की सुनवाई और केंद्र सरकार तथा संबंधित पक्षों की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
