Arijit Singh retirement
मुंबई, एजेंसियां। पॉपुलर सिंगर अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट के ऐलान के बाद उनके पुराने बयान फिर चर्चा में आ गए हैं। अरिजीत पहले ही फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों को मिलने वाली फीस और भुगतान व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके थे। उन्होंने कहा था कि कई फिल्ममेकर्स, प्रोड्यूसर्स और प्रोडक्शन हाउस कलाकारों से समय पर और उचित भुगतान नहीं करते, जिससे आर्टिस्ट मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान होते हैं।
‘या तो काम करवाओ और पैसा दो, या काम ही मत करवाओ’
‘द म्यूजिक पॉडकास्ट’ को दिए एक इंटरव्यू में अरिजीत सिंह ने साफ शब्दों में कहा था कि इंडस्ट्री में काम और भुगतान को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “या तो काम करवाओ और पैसा दो, या फिर काम ही मत करवाओ।” अरिजीत का कहना था कि कई बार कलाकार अपनी मेहनत के अनुसार भुगतान नहीं पाते। काम पूरा होने के बाद उन्हें महसूस होता है कि उन्होंने तय रकम से कहीं ज्यादा काम कर लिया है।
कलाकारों के साथ होती है नाइंसाफी
अरिजीत ने बताया कि अक्सर कलाकारों से पहले एक रकम तय की जाती है और मोलभाव के बाद वे उस पर सहमत भी हो जाते हैं। लेकिन काम शुरू होने के बाद उनसे अपेक्षा से ज्यादा मेहनत करवाई जाती है और अंत में मिलने वाला भुगतान तय रकम से भी कम होता है। उन्होंने कहा, “इस तरह से आप आर्टिस्ट को मार रहे हैं।” उनका मानना था कि इस रवैये से कलाकारों का मनोबल टूटता है और क्रिएटिविटी पर असर पड़ता है।
पुराने सिस्टम की वकालत
सिंगर ने यह भी कहा था कि संगीतकारों और गायकों के लिए एक स्पष्ट और मजबूत सिस्टम होना चाहिए, जैसा पहले हुआ करता था। उस समय हर रिकॉर्डिंग सेशन के लिए भुगतान तय होता था, चाहे वह गाना फाइनल फिल्म में शामिल हो या नहीं। अरिजीत के अनुसार यह व्यवस्था ज्यादा न्यायसंगत थी और इससे कलाकारों को आर्थिक सुरक्षा मिलती थी।
प्लेबैक सिंगिंग से लिया संन्यास
गौरतलब है कि अरिजीत सिंह ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर घोषणा की कि वे अब प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई नया काम नहीं लेंगे। उन्होंने अपने फैंस को वर्षों के प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सफर शानदार रहा।












