AR Rahman
नई दिल्ली, एजेंसियां। ए आर रहमान, बॉलीवुड और भारतीय संगीत के सबसे बड़े म्यूजिक कंपोजर्स में से एक, ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्हें पिछले आठ सालों से बॉलीवुड से कोई काम नहीं मिला। बीबीसी एशियन नेटवर्क से बातचीत में उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में पिछले वर्षों में संगीत निर्माण पर “नियंत्रण” संगीतकारों और निर्देशकों से हटकर संगीत लेबल और कॉर्पोरेट संस्थाओं के हाथों में चला गया है। उनका मानना है कि सत्ता अब उन लोगों के हाथ में है जो क्रिएटिव नहीं हैं।
रहमान ने यह भी स्पष्ट किया
रहमान ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सक्रिय रूप से काम की तलाश में नहीं हैं और चाहते हैं कि काम स्वाभाविक रूप से उनके पास आए, ताकि उनकी ईमानदारी और प्रतिभा ही उन्हें अवसर दिलाए। उन्होंने कहा कि मंदी या उद्योग की परिस्थितियों ने उनके आत्मसम्मान या क्रिएटिविटी को प्रभावित नहीं किया।ए आर रहमान के इस दावे पर मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें कभी ऐसा नहीं लगा। उनका कहना था कि रहमान वेस्ट में ज्यादा व्यस्त रहते हैं और छोटे निर्माता शायद उनसे मिलने में हिचकते हैं।
बॉलीवुड सिंगर शान ने भी इस रिएक्ट किया
बॉलीवुड सिंगर शान ने भी इस पर रिएक्ट करते हुए कहा कि संगीत उद्योग में कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं है और काम न मिलने को व्यक्तिगत रूप में नहीं लेना चाहिए। शान ने कहा कि कलाकारों को ‘अच्छा काम करना’ और ‘अच्छा संगीत बनाना’ ही प्राथमिकता बनानी चाहिए।ए आर रहमान का यह बयान हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में क्रिएटिविटी और अवसर वितरण पर नई बहस को जन्म दे रहा है।






