Pawan Kalyan
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली हाई कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और अभिनेता पवन कल्याण के बेटे अकिरा नंदन उर्फ अकिरा देसाई पर आधारित एक AI-जनरेटेड फिल्म के प्रसारण और प्रसार पर रोक लगा दी है। अदालत ने आदेश दिया है कि इस फिल्म से जुड़े सभी कंटेंट को 72 घंटे के भीतर इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाया जाए।
यह आदेश न्यायमूर्ति तुषार ताओ गडेला ने अकिरा नंदन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि सांभवामी स्टूडियोज एलएलपी ने बिना अनुमति यूट्यूब पर करीब एक घंटे की AI फिल्म अपलोड की, जिसे “दुनिया की पहली ग्लोबल AI फिल्म” बताया गया। इस फिल्म में अकिरा नंदन को मुख्य भूमिका में दिखाया गया, जबकि इसके लिए उनकी या उनके परिवार की कोई सहमति नहीं ली गई थी।
निजता और व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का मामला
याचिका में यह भी कहा गया कि AI फिल्म में अकिरा नंदन से जुड़े गढ़े हुए अंतरंग और रोमांटिक दृश्य दिखाए गए हैं, जिससे उनकी निजता, प्रतिष्ठा और व्यक्तित्व अधिकारों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। अदालत ने माना कि इस तरह का कंटेंट न केवल वादी की छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचाता है, बल्कि व्यक्तित्व से जुड़े कॉपीराइट का भी उल्लंघन करता है।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि AI और डीपफेक तकनीक का यह कथित दुरुपयोग नैतिक अधिकार, प्रचार अधिकार और निजता के अधिकार का हनन है, साथ ही यह आम जनता को गुमराह करने का भी प्रयास है।
फिल्म और प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश
हाई कोर्ट ने एकतरफा अंतरिम राहत देते हुए फिल्म, उसके क्लिप्स, शॉर्ट्स और प्रचार सामग्री को सभी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही प्रतिवादियों को भविष्य में अकिरा नंदन के नाम, छवि, आवाज या हाव-भाव का AI या डीपफेक तकनीक के जरिए किसी भी रूप में उपयोग करने से रोक दिया गया है।
अदालत ने मेटा प्लेटफॉर्म्स को भी निर्देश दिया कि वे 72 घंटे के भीतर उल्लंघन करने वाले यूआरएल हटाने की प्रक्रिया पूरी करें। मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी।












