SOL new diploma courses 2026: एसओएल अगले साल लॉन्च करेगा आठ विदेशी भाषाओं में डिप्लोमा कोर्स

Anjali Kumari
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SOL new diploma courses 2026:

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) ने छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर तैयार किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एसओएल आठ विदेशी भाषाओं में डिप्लोमा कोर्स शुरू करने जा रहा है। यह निर्णय छात्रों से मिले बेहतरीन रिस्पॉन्स के बाद लिया गया है। इस वर्ष सर्टिफिकेट स्तर पर शुरू किए गए विदेशी भाषा कोर्स में 650 से अधिक छात्रों ने दाखिला लिया था, जिसके बाद अब इसे अगले स्तर यानी डिप्लोमा तक बढ़ाया जा रहा है।

एसओएल को परिषद से मिली मंजूरी:

एसओएल को इन कोर्सेज को शुरू करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद और कार्यकारी परिषद से मंजूरी मिल चुकी है। खास बात यह है कि इन कोर्सेज के संचालन और परीक्षाओं में किसी बाहरी एजेंसी की मदद नहीं ली जाएगी, बल्कि परीक्षाएं और मूल्यांकन डीयू की ही ओर से किया जाएगा। डिप्लोमा भी दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा ही प्रदान किया जाएगा।

कौन कौन से कोर्स होंगे संचालित:

स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के ओपन लर्निंग डेवलेपमेंट सेंटर (ओएलडीसी) के अंतर्गत स्थापित सेंटर फॉर इंडियन एंड फॉरेन लैंग्वेज के जरिये ये कोर्स संचालित होंगे। डिप्लोमा स्तर पर जिन भाषाओं की पढ़ाई कराई जाएगी, उनमें चीनी, जापानी, कोरियन, इटेलियन, स्पेनिश, फ्रेंच, जर्मन और पुर्तगाली शामिल हैं। ये सभी ऐसी विदेशी भाषाएं हैं जिनकी बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है, और इनके ज्ञान से छात्रों को रोजगार तथा उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।

एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने कहा कि ये कोर्सेज डीयू के जरमेनिक एंड रोमांस स्टडीज विभाग और ईस्ट एशियन स्टडीज विभाग से संबद्ध हैं और इन्हें समय पर शुरू करने के लिए सभी आवश्यक मंजूरी पहले ही प्राप्त कर ली गई है। उन्होंने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और इसके लिए किसी प्रवेश परीक्षा की जरूरत नहीं होगी। दाखिले मेरिट के आधार पर दिए जाएंगे। इन कोर्सेज में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र ही नहीं, बल्कि बाहरी उम्मीदवार भी दाखिला ले सकेंगे। प्रो. मागो के अनुसार विदेशी भाषाओं में दक्षता के साथ छात्रों को न केवल रोजगार के अवसर मिलते हैं, बल्कि वे आगे उच्च शिक्षा के लिए भी इन भाषाओं में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। विदेशी भाषा कौशल आज के समय में कॉर्पोरेट, टूरिज्म, शिक्षा और इंटरनेशनल रिलेशन जैसे क्षेत्रों में बड़ी भूमिका निभाता है।

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