JPSC result controversy: लगातार विवादों के बीच JPSC ने दोबारा जारी किया रिजल्ट, रितिका टोप्पो को मिला न्याय

Satish Mehta
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JPSC result controversy

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने छठी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम एक बार फिर संशोधित कर जारी किया है। यह तीसरा मौका है जब आयोग को इस परीक्षा का रिजल्ट बदलना पड़ा है। नवीनतम संशोधन झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद किया गया, जिसके तहत खेल कोटा में मोहिनी रितिका टोप्पो को प्रशासनिक सेवा में चयनित किया गया है। वह अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से आती हैं।

हाईकोर्ट के आदेश पर तीसरी बार संशोधन

जेपीएससी की छठी सिविल सेवा परीक्षा का पहला परिणाम अप्रैल 2020 में जारी हुआ था। इसके बाद विवादों, आपत्तियों और अदालत में दाखिल याचिकाओं के चलते मार्च 2022 में दूसरा संशोधित परिणाम जारी किया गया। अब हाईकोर्ट की ताजा सुनवाई के आधार पर आयोग ने तीसरी बार रिजल्ट में संशोधन किया है। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि खेल कोटा के तहत पात्र उम्मीदवार के दावे का पुनर्मूल्यांकन किया जाए, जिसके बाद मोहिनी रितिका टोप्पो को प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति प्रदान की गई।

परीक्षा, विवाद और लंबी कानूनी प्रक्रिया

छठी सिविल सेवा परीक्षा 326 पदों के लिए आयोजित की गई थी, जिनमें 143 पद प्रशासनिक सेवा के थे। परिणाम घोषित होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता, मूल्यांकन की त्रुटियों और गलत चयन का आरोप लगाते हुए याचिकाएं दायर कीं।मार्च 2022 में जारी दूसरे संशोधित परिणाम में कुछ उम्मीदवार सूची से बाहर हो गए थे, जिससे विवाद और बढ़ गया। कई मामलों की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में चली और अंततः कोर्ट ने खेल कोटा से संबंधित मामले में आयोग को संशोधन करने का निर्देश दिया।

अब आगे क्या?

रिजल्ट में बार-बार संशोधन से अभ्यर्थियों में असंतोष और अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आयोग इस परीक्षा से जुड़े बचे हुए विवादों का समाधान कितनी जल्दी करता है। हालांकि, हाईकोर्ट के निर्देश के अनुरूप किया गया नवीनतम संशोधन प्रक्रिया में पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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