CBSE exam update
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इस वर्ष कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए दो परीक्षा प्रणाली लागू की है। नई शिक्षा नीति के तहत किए गए इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार का अतिरिक्त मौका देना है।
हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए पहली परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा।बोर्ड के अनुसार 10वीं की पहली बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। पहला पेपर गणित का आयोजित किया जा रहा है। वहीं 12वीं के छात्रों के लिए बायोटेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, संस्कृत ऐच्छिक और स्टेनोग्राफी जैसे विषयों की परीक्षा निर्धारित है।
दूसरी परीक्षा सुधार का अवसर
सीबीएसई ने बताया कि पहली परीक्षा का परिणाम अप्रैल में जारी किया जाएगा। इसके बाद दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। परिणाम घोषित होने के लगभग 10 से 15 दिनों के भीतर यह विंडो खोली जाएगी। दूसरी परीक्षा मई में आयोजित की जा सकती है और जून के अंतिम सप्ताह तक उसका परिणाम जारी होने की संभावना है।
यह दूसरी परीक्षा मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए होगी जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। दूसरी परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद ही नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
कम से कम चार विषयों की परीक्षा देना जरूरी
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहली बोर्ड परीक्षा को ही मुख्य परीक्षा माना जाएगा। इसलिए छात्रों को इसमें शामिल होना अनिवार्य है। नियमों के अनुसार, पहली परीक्षा में कम से कम चार विषयों की परीक्षा देना जरूरी होगा। यानी छात्र अधिकतम दो विषयों की परीक्षा मिस कर सकते हैं, लेकिन तीन से ज्यादा विषयों की परीक्षा छूटने पर वे दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के पात्र नहीं होंगे।सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से जुड़े सभी नियम और दिशा-निर्देश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ध्यान से पढ़ें, ताकि किसी तरह की भ्रम न रहे।












