CBSE ने 10वीं के एग्जाम पैटर्न में किया बड़ा बदलाव, 2026 बोर्ड परीक्षा से लागू होंगे नए नियम

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CBSE board exam 2026

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए परीक्षा पैटर्न में अहम बदलाव किया है। बोर्ड ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों के प्रश्न पत्रों को स्पष्ट रूप से खंडों (Sections) में बांटने का फैसला लिया है। CBSE के अनुसार, विज्ञान का प्रश्न पत्र अब तीन अलग-अलग खंडों में होगा, जिसमें भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान शामिल रहेंगे। वहीं सामाजिक विज्ञान का प्रश्न पत्र चार खंडों में बंटेगा—इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र।

उत्तर लिखने को लेकर सख्त निर्देश

CBSE ने उत्तर पुस्तिका में उत्तर लिखने के नियमों को भी सख्त कर दिया है। छात्रों को अपनी आंसर शीट को विज्ञान के लिए तीन और सामाजिक विज्ञान के लिए चार हिस्सों में बांटना होगा। प्रत्येक खंड के प्रश्नों के उत्तर उसी निर्धारित हिस्से में लिखने होंगे। यदि किसी छात्र ने एक खंड का उत्तर दूसरे खंड में लिखा या अलग-अलग विषयों के उत्तर मिला दिए, तो ऐसे उत्तरों का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा और उसके लिए अंक नहीं मिलेंगे।

पुनर्मूल्यांकन में भी नहीं मिलेगी राहत

बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षा परिणाम के बाद सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के दौरान भी गलत खंड में लिखे गए उत्तरों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यानी बाद में सुधार का कोई मौका नहीं दिया जाएगा। CBSE का मानना है कि इससे छात्रों में अनुशासन आएगा और मूल्यांकन प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और आसान होगी।

स्कूलों को दिए गए निर्देश

CBSE ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों को इस नए परीक्षा पैटर्न के बारे में समय रहते जानकारी दें। पढ़ाई के दौरान ही खंडवार उत्तर लिखने का अभ्यास कराया जाए, ताकि बोर्ड परीक्षा में छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।

सैंपल पेपर देखने की सलाह

बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सैंपल प्रश्न पत्र और मार्किंग स्कीम जरूर देखें। इससे उन्हें प्रश्न पत्र के फॉर्मेट, अंक विभाजन और सही उत्तर लेखन की समझ मिलेगी। CBSE ने छात्रों से अपील की है कि किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

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