Stock market:
मुंबई, एजेंसियां। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शेयर बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और विदेशी निवेशकों की निकासी के चलते सेंसेक्स 135.8 अंक टूटकर 84,537.22 पर खुला। वहीं निफ्टी भी 53.85 अंक गिरकर 25,856.20 पर कारोबार करता दिखा। सत्र की शुरुआत से ही निवेशकों में सतर्कता देखी गई, क्योंकि विदेशी निवेशकों की ओर से निरंतर बिकवाली हो रही है।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में मिला-जुला रुख:
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी और सन फार्मा के शेयरों पर दबाव रहा और ये नुकसान में रहे। दूसरी ओर, इंफोसिस, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।इससे बाजार में सेक्टोरियल मिश्रित रुझान दिखाई दिया।
गिरावट के पीछे क्या कारण?
विश्लेषकों ने बताया कि यह गिरावट अचानक नहीं है, बल्कि 2025 की तेज रफ्तार रैली के बाद बाजार में यह एक स्वस्थ सुधार (Healthy Correction) माना जा रहा है।एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि प्रमुख टेक्नोलॉजी शेयरों में कम उत्साह और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी:
- एशियाई बाजारों में भी गिरावट का ही माहौल रहा।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी,
- चीन का एसएसई कंपोज़िट,
- हांगकांग का हैंग सेंग
सभी सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, जापान का निक्केई 225 बढ़त में रहा।
अमेरिकी बाजार भी मंगलवार को नकारात्मक दायरे में बंद हुए, जिसने भारतीय बाजार पर असर डाला।
FII–DII डेटा और क्रूड ऑयल का असर:
मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 728.82 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 6,156.83 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.25% गिरकर 64.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे बाजार पर आंशिक सकारात्मक प्रभाव देखा गया।


















