Gold Sliver Price
नई दिल्ली, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर युद्ध या भू-राजनीतिक संकट के समय सोने की कीमतों में तेजी देखी जाती है, लेकिन इस बार बाजार का रुख अलग नजर आया। निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक कारकों के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। सोमवार को चांदी की कीमत 3860 रुपये गिरकर करीब 2.65 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 1350 रुपये टूटकर लगभग 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना करीब 1.3 प्रतिशत गिरकर लगभग 5,090 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है, जिसके कारण कीमतों में दबाव बना।
मुनाफावसूली से बढ़ा दबाव
विश्लेषकों के अनुसार पिछले कुछ समय में सोने की कीमतों में लगातार तेजी आई थी। ऐसे में कई निवेशकों ने अपने निवेश से मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। इसके अलावा कुछ निवेशक सोने से निकाली गई रकम का इस्तेमाल वैश्विक शेयर बाजारों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी कर रहे हैं, क्योंकि युद्ध और अनिश्चितता के माहौल में इक्विटी बाजारों में भी गिरावट देखी जा रही है।
तेल की कीमतों में उछाल का असर
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी भी सोने की कीमतों पर दबाव बना रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 17 प्रतिशत बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण बाजार में चिंता बढ़ गई है।
डॉलर की मजबूती भी वजह
अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रही है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल में निवेशक डॉलर को सुरक्षित विकल्प मानकर उसकी ओर रुख कर रहे हैं। इससे डॉलर इंडेक्स मजबूत हो रहा है और सोने की मांग पर दबाव बन रहा है। साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से भी सोने का आकर्षण कुछ कम हुआ है, क्योंकि निवेशकों को ब्याज देने वाले विकल्प ज्यादा आकर्षक लग रहे हैं।
आगे इन कारकों पर निर्भर रहेगा रुख
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी डॉलर की चाल और वैश्विक ब्याज दरों के रुख पर निर्भर करेगी। अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है या आर्थिक हालात बदलते हैं तो सर्राफा बाजार में फिर से तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।








