नई दिल्ली, एजेन्सियां: आज, 31 जनवरी 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव देखा गया। पिछले कई दिनों के रिकॉर्ड उछाल के बाद, आज बाजार में एक बड़ी ‘सुधारात्मक गिरावट’ (Correction) दर्ज की गई है।
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चांदी की कीमतों का विश्लेषण (24 – 31 जनवरी 2026)
इस चार्ट में आप देख सकते हैं कि किस तरह चांदी ने इस सप्ताह अपने उच्चतम स्तर को छुआ और फिर उसमें एक बड़ी गिरावट आई:

- बढ़त का दौर: 24 जनवरी से 29 जनवरी के बीच चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखी गई, जहाँ यह ₹4,20,048 के ऐतिहासिक स्तर (All-time High) पर पहुँच गई थी।
- ऐतिहासिक गिरावट: 31 जनवरी को बाजार में अचानक आए ‘करेक्शन’ के कारण कीमतें गिरकर ₹2,92,350 के करीब आ गईं। यह एक ही दिन में लगभग ₹1.28 लाख तक की बड़ी गिरावट को दर्शाता है।
- बाजार की स्थिति: चार्ट में लाल तीर (Red Arrow) उस ‘शार्प ड्रॉप’ को इंगित कर रहा है जो वैश्विक कारकों और मुनाफावसूली की वजह से हुआ है।
1. वर्तमान बाजार भाव (Current Rates)
देश के प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें इस प्रकार रहीं:
- राष्ट्रीय औसत (MCX): ₹3,50,000 से ₹3,95,000 प्रति किलोग्राम के मध्य।
- दिल्ली और मुंबई: ₹3,94,900 प्रति किलोग्राम।
- चेन्नई: ₹4,05,000 प्रति किलोग्राम।
- रांची (झारखंड): स्थानीय मांग के अनुसार ₹3,85,450 प्रति किलोग्राम के आसपास।
2. गिरावट के मुख्य कारण (Key Drivers)
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे तीन प्रमुख वैश्विक कारण हैं:
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति: अमेरिका में नए फेड चेयरमैन के रूप में केविन वारश (Kevin Warsh) के नामांकन की चर्चा ने बाजार को प्रभावित किया है। उनकी ‘हॉकिश’ (सख्त) मौद्रिक नीति की संभावना से अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिसके कारण कीमती धातुओं की मांग में कमी आई।
- मार्जिन में वृद्धि: सीएमई (CME) ग्रुप द्वारा चांदी पर ट्रेडिंग मार्जिन बढ़ाए जाने के कारण निवेशकों पर अपनी पोजीशन को कम करने का दबाव बढ़ा, जिससे बाजार में भारी बिकवाली देखी गई।
- मुनाफावसूली (Profit Booking): इसी सप्ताह चांदी ₹4,20,048 के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने से कीमतों में गिरावट आई है।
3. भविष्य का अनुमान (Market Outlook)
- अल्पकालिक (Short-term): आने वाले कुछ दिनों में बाजार अस्थिर रह सकता है। यदि कीमतें ₹3,50,000 के आधार स्तर को तोड़ती हैं, तो और गिरावट की संभावना है।
- दीर्घकालिक (Long-term): सौर ऊर्जा (Solar Energy), एआई चिप्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में चांदी की औद्योगिक मांग निरंतर बढ़ रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 के अंत तक चांदी पुनः ₹4.5 लाख से ₹5 लाख के स्तर को छू सकती है।
विशेषज्ञ सलाह: “निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का एक अच्छा अवसर हो सकती है, परंतु किसी भी बड़े निवेश से पूर्व बाजार के रुख का सूक्ष्म विश्लेषण अनिवार्य है।”











