नई दिल्ली: चांदी, जिसे ‘गरीबों का सोना’ भी कहा जाता है, दुनिया भर में एक महत्वपूर्ण धातु है। इसका इस्तेमाल सिर्फ गहनों या सिक्कों में ही नहीं होता है। इसका बड़ा उपयोग उद्योगों में भी होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर सोलर पैनल तक, चांदी की मांग हर जगह है।
लेकिन हाल के दिनों में चांदी की कीमतों ने सबको हैरान कर दिया है। जनवरी 2026 में चांदी की कीमत ने पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इसकी तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चांदी को 2 लाख से 3 लाख रुपये तक पहुंचने में मात्र एक महीना लगा। इसके मुकाबले, इसे 1 लाख से 2 लाख रुपये होने में करीब 14 महीने लगे थे।
इस तूफानी तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- वैश्विक तनाव: अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ता व्यापारिक विवाद और टैरिफ की धमकियों ने निवेशकों को डरा दिया है।
- सुरक्षित निवेश: अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के बीच लोग अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए चांदी में भारी निवेश कर रहे हैं।
- औद्योगिक मांग: सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन और सेमीकंडक्टर चिप्स में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जबकि इसकी सप्लाई काफी सीमित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मांग और आपूर्ति में इस बड़े अंतर के कारण आने वाले समय में चांदी की चमक और भी बढ़ सकती है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में सबसे ज्यादा चांदी किस देश में निकलती है?
कौन सा देश चांदी के उत्पादन में ‘किंग’ है?
हाल ही में सामने आए आंकड़ों (अमर उजाला के अनुसार) ने दुनिया के सबसे बड़े चांदी उत्पादक देशों की तस्वीर साफ कर दी है। इस लिस्ट में लातिन अमेरिका के देश मेक्सिको ने बाजी मारी है। वह दुनिया का निर्विवाद रूप से सबसे बड़ा चांदी उत्पादक देश बना हुआ है।
आइए जानते हैं इस लिस्ट के बारे में विस्तार से।
मेक्सिको है चांदी का ‘बादशाह’
जब चांदी उत्पादन की बात आती है, तो मेक्सिको का कोई मुकाबला नहीं है। जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, मेक्सिको 6300 मीट्रिक टन उत्पादन के साथ पहले स्थान पर है। यह आंकड़ा दूसरे नंबर के देश से लगभग दोगुना है। मेक्सिको में चांदी की कई ऐतिहासिक और बड़ी खदानें हैं।
चीन और पेरू में कांटे की टक्कर
दूसरे और तीसरे स्थान के लिए मुकाबला कड़ा है।
- चीन: दुनिया की फैक्ट्री कहा जाने वाला चीन इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है। चीन का चांदी उत्पादन 3300 मीट्रिक टन है।
- पेरू: दक्षिण अमेरिकी देश पेरू तीसरे स्थान पर है। यह चीन से बहुत पीछे नहीं है। पेरू का उत्पादन 3100 मीट्रिक टन दर्ज किया गया है।
ये देश भी हैं बड़े खिलाड़ी
मेक्सिको, चीन और पेरू के बाद अन्य देशों का नंबर आता है। इनमें भी उत्पादन के आंकड़े काफी अच्छे हैं:
- बोलीविया और पोलैंड: ये दोनों देश संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर हैं। दोनों ने 1300 मीट्रिक टन चांदी का उत्पादन किया है।
- चिली और रूस: इसी तरह, चिली और रूस भी बराबरी पर हैं। इन दोनों देशों का उत्पादन 1200 मीट्रिक टन रहा है।
- अमेरिका: संयुक्त राज्य अमेरिका 1100 मीट्रिक टन उत्पादन के साथ इस सूची में बना हुआ है।
- ऑस्ट्रेलिया और कजाकिस्तान: ये दोनों देश 1000-1000 मीट्रिक टन उत्पादन के साथ बराबरी पर हैं।
भारत का चांदी के उत्पादन में कौन सा स्थान है?
अब सबसे अहम सवाल, इस लिस्ट में अपना भारत कहां है?
भारत दुनिया में चांदी का एक बड़ा उपभोक्ता है। हमारे यहां चांदी के गहनों और बर्तनों की बहुत मांग रहती है। उत्पादन के मामले में भी भारत दुनिया के शीर्ष देशों की लिस्ट में शामिल है।
आंकड़ों के मुताबिक, भारत का चांदी उत्पादन 800 मीट्रिक टन है।

इस लिस्ट में भारत के साथ अर्जेंटीना भी इसी पायदान पर है। अर्जेंटीना का उत्पादन भी 800 मीट्रिक टन ही है।
एक नजर में: टॉप चांदी उत्पादक देश (मीट्रिक टन में)
- मेक्सिको: 6300
- चीन: 3300
- पेरू: 3100
- बोलीविया: 1300
- पोलैंड: 1300
- चिली: 1200
- रूस: 1200
- अमेरिका: 1100
- ऑस्ट्रेलिया: 1000
- कजाकिस्तान: 1000
- अर्जेंटीना: 800
- भारत: 800
ये आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर चांदी की आपूर्ति में मेक्सिको का दबदबा कायम है। हालांकि, भारत जैसे देश भी अपनी उत्पादन क्षमता के साथ इस महत्वपूर्ण बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। औद्योगिक मांग बढ़ने के साथ भविष्य में चांदी का महत्व और बढ़ने की उम्मीद है।









