Bomb blasts arrested:
चेन्नई, एजेंसियां। तमिलनाडु पुलिस को 27 साल पुराने एक बेहद सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता मिली है। 1998 में कोयंबटूर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के तीन मुख्य आरोपियों अबूबकर सिद्दीकी, मोहम्मद अली और सादिक उर्फ टेलर राजा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। इन हमलों में 58 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 250 से ज्यादा घायल हुए थे। तीनों आरोपी लगभग तीन दशक से फरार चल रहे थे।
डीजीपी शंकर जिवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया
राज्य के डीजीपी शंकर जिवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन आतंकियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने “ऑपरेशन अराम” और “ऑपरेशन अगाझी” नाम से विशेष अभियान चलाया। यह अभियान पिछले छह महीने से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक पुलिस के सहयोग से संचालित किया जा रहा था। सिद्दीकी और मोहम्मद अली को आंध्र के कडप्पा से, जबकि सादिक को कर्नाटक के विजयपुरा से गिरफ्तार किया गया।
तीनों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए
गिरफ्तारी के बाद तीनों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक्स, पुराने रिकॉर्ड और तकनीकी सहायता ली गई। डीजीपी के अनुसार, सादिक के प्रतिबंधित संगठन अल-उम्मा से जुड़े होने की आशंका है, जबकि सिद्दीकी और अली किसी संगठन से जुड़े नहीं दिखे हैं। तीनों आरोपी आम लोगों की तरह जीवन जीते हुए दुकानों और रियल एस्टेट जैसे कामों में लगे थे।
गिरफ्तारी के बाद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन तीन दशकों में वे कहां-कहां गए, किससे संपर्क में रहे और क्या विदेशी नेटवर्क से जुड़े थे। इस गिरफ्तारी को आतंकरोधी अभियान की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे वर्षों पुराने एक दर्दनाक अध्याय को इंसाफ की दिशा में मोड़ मिलने की उम्मीद जगी है।
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