Gas cylinder shortage in Supaul
पटना, एजेंसियां। बिहार के कई जिलों में रसोई गैस की कमी से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी कड़ी में सुपौल जिले में एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलने से नाराज लोगों का गुस्सा बुधवार को सड़क पर फूट पड़ा। उपभोक्ताओं ने गैस की आपूर्ति नहीं होने के विरोध में सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से लेकर 10 दिनों तक उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। वे लगातार गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस कारण आम लोगों की रसोई पर सीधा असर पड़ रहा है।
NH-327E पर किया गया सड़क जाम
यह घटना त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के बघला इलाके के पास हुई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने NH जाम को जाम कर दिया।सड़क जाम के कारण कुछ समय तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। लोग गैस आपूर्ति बहाल करने और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी जाहिर की।
कालाबाजारी के गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गैस एजेंसी पर कालाबाजारी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एजेंसी में गैस उपलब्ध नहीं होने की बात कही जाती है, लेकिन बाजार में वही सिलेंडर ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि गैस सिलेंडर 1500 रुपये या उससे अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। आम उपभोक्ताओं का कहना है कि इतनी महंगी कीमत पर गैस खरीदना उनके लिए संभव नहीं है। कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी या अन्य ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है।
पुलिस पहुंची मौके पर, खुलवाया जाम
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद त्रिवेणीगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद जाम हटाया गया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात फिर से सामान्य हो गया।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में एलपीजी की आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य की जाए और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच और आपूर्ति व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया है, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।








