Rohini Acharya:
पटना, एजेंसियां। लालू प्रसाद यादव के परिवार में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने पिछले चार दिनों में अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए परिवार और पार्टी दोनों पर तीखे आरोप लगाए हैं, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और लालू परिवार मुश्किलों में घिर गया है।
रोहिणी ने बताया:
रोहिणी ने अपने बयानों में कहा कि जो लोग लालू प्रसाद के नाम पर राजनीति करते हैं, वे गरीब मरीजों को किडनी दिलाने में मदद करें, न कि झूठी हमदर्दी दिखाएं। उन्होंने आलोचकों पर हमला बोलते हुए कहा कि पिता को किडनी देने वाली शादीशुदा बेटी को ‘गंदा’ कहने वाले लोग सामने आकर बहस करें। रोहिणी के अनुसार, उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार गालियां दी गईं और उपदेश दिए गए, जबकि ऐसे लोग एक बोतल खून देने से भी डर जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि परिवार में उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ और उन्हें धमकाया गया। रोहिणी के मुताबिक— “मेरा कोई परिवार नहीं है। मुझे मारने के लिए चप्पल उठाई गई और गंदी-गंदी गालियां दी गईं।” उन्होंने राजनीति और परिवार से दूरी बनाने की भी बात कही।
यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब बिहार में नई सरकार का गठन हुआ है और राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। लालू परिवार में इससे पहले भी विवाद होते रहे हैं— 2019 में बहू ऐश्वर्या राय के साथ बदसलूकी का मामला, साधु-सुभाष यादव से जुड़ी खींचतान, और हाल में तेज प्रताप यादव का आरजेडी से छह साल के लिए निष्कासन। रोहिणी आचार्य के ताजा आरोपों से साफ हो गया है कि परिवार में ‘तेजस्वी बनाम बाकी’ जैसी स्थिति बन चुकी है। आरजेडी और लालू परिवार दोनों एक नए राजनीतिक और निजी संकट के दौर से गुजर रहे हैं, और विवाद जल्दी थमता नजर नहीं आ रहा।







