RERA Act: बिहार में रेरा अधिनियम का पालन अनिवार्य, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

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RERA Act:

पटना, एजेंसियां। बिहार में रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही खरीदारों की सुरक्षा और प्रोजेक्ट समय पर पूरे होने की चुनौती भी बनी हुई है। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने स्पष्ट कर दिया है कि अब नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

RERA अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह:

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RERA अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में रेरा अधिनियम का पालन हर हाल में अनिवार्य है। नियम तोड़ने वाले प्रमोटरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रोजेक्ट का रेरा निबंधन खरीदारों को भरोसा देता है और प्रमोटरों की साख तथा उनके फ्लैट/प्लॉट के उचित मूल्य को सुनिश्चित करता है।

रेरा निबंधन प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता और पारदर्शिता की गारंटी देता है। बिना निबंधन के प्रोजेक्ट बेचना अवैध है और इसके लिए कार्रवाई की जाती है।

नई व्यवस्थाएं और सुधार:

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प्रोजेक्ट निबंधन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे प्रमोटर खुद जांच सकेंगे कि सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए गए हैं या नहीं। इससे निबंधन प्रक्रिया का समय घटेगा और लंबित मामलों का समाधान तेजी से होगा। डायनामिक क्वार्टरली प्रोग्रेस रिपोर्ट (QPR) व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बिल्डरों को अपने प्रोजेक्ट की प्रगति की विस्तृत जानकारी देनी होगी।

प्रोजेक्ट स्थिति:

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कुल 111 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा में 57 प्रोजेक्ट समय पर चल रहे हैं। 30 प्रोजेक्ट की गति धीमी है और 24 प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरे होने की संभावना कम है। यदि कोई प्रमोटर प्रोजेक्ट पूरा न कर पाए और निबंधन अवधि बढ़ाना चाहता है, तो उसके पास सक्षम प्राधिकरण से अनुमोदित नक्शा होना जरूरी है।

सख्त चेतावनी:

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रेरा अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि बिना रेरा निबंधन के प्रोजेक्ट बेचने वाले प्रमोटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रोजेक्ट समय पर पूरा होने से खरीदारों और प्रमोटरों दोनों का हित सुरक्षित रहता है।

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