Rabri Devi statement:
पटना, एजेंसियां। बिहार विधान परिषद में शुक्रवार 20 फरवरी, 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता Rabri Devi ने राज्य में कानून और व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बच्चियों के साथ रेप और हत्याओं जैसी घटनाएं हो रही हैं। राबड़ी देवी ने सदन में आंकड़े पेश करते हुए कहा कि फरवरी महीने में कुल 36 ऐसी गंभीर घटनाएं हुई हैं।
JDU का पलटवार
राबड़ी देवी के आरोपों पर जनता दल (युनाइटेड) ने पलटवार किया। JDU प्रवक्ता और एमएलसी Neeraj Kumar ने सदन में कहा कि राबड़ी देवी के आंकड़े पूरी तरह फर्जी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि फरवरी में केवल 14 घटनाएं हुई थीं और सभी मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है। नीरज कुमार ने बताया कि पूरे घटनाक्रम का विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और कोई भी इसे देख सकता है।नीरज कुमार ने राबड़ी देवी के आरोपों को चुनौती देते हुए सवाल किया कि जब अपराध पर बहस की जाती है तो यह भी बताना चाहिए कि शिल्पी गौतम कांड पर क्या कार्रवाई हुई, उस समय आईपीएस और आईएएस अधिकारियों की पत्नियों की सुरक्षा कैसी रही, कौन जेल गया और क्या सजा हुई। उन्होंने कहा कि JDU सदन में हमेशा तथ्यों के साथ आती है और कोई अपराधी बचने वाला नहीं है।
तेजस्वी यादव पर भी टिप्पणी
JDU प्रवक्ता ने आरजेडी नेता Tejashwi Yadav की सक्रियता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव कभी-कभी ही सदन में आते हैं, हार के बाद हताश और निराश रहते हैं, और लंबे समय के बाद केवल उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आते हैं।
महिला अपराध पर सरकार का रुख
वहीं, बिहार सरकार में मंत्री Ashok Choudhary ने कहा कि महिला अपराध की घटनाओं को लेकर सरकार संवेदनशील है। उन्होंने राबड़ी देवी के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि पिछली सरकार अपराधियों को संरक्षित रखती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ऐसी घटनाओं में दोषियों को कड़ी सजा देती है।
कुल मिलाकर, बिहार में लॉ एंड ऑर्डर और महिला सुरक्षा को लेकर विधानसभा में आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बनी हुई है। राबड़ी देवी के 36 घटनाओं के आंकड़े और JDU का पलटवार दोनों ही राजनीतिक विवाद का केंद्र बने हुए हैं। यह बहस राज्य में अपराध की रोकथाम और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।







