Land for Job Scam
पटना, एजेंसियां। लैंड फॉर जॉब घोटाले में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने उनके उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की थी। राबड़ी देवी ने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने पर पक्षपात का आरोप लगाया था, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
प्रधान और जिला न्यायाधीश
प्रधान और जिला न्यायाधीश दिनेश भट्ट ने राबड़ी देवी, उनके पति और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, बेटे तेजस्वी यादव समेत अन्य परिजनों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज चार मामलों को ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया। ये सभी मामले लैंड फॉर जॉब स्कैम और आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े हुए हैं।
इससे पहले सीबीआई ने अदालत में दायर अपने जवाब में कहा था कि ट्रांसफर आवेदन दुर्भावनापूर्ण है और इसका मकसद अदालत को गुमराह करना है। एजेंसी ने यह भी कहा था कि विशेष न्यायाधीश के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। वहीं, शुक्रवार को सीबीआई ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आरोप पत्र में नामित सभी आरोपियों की स्थिति को लेकर अपनी अंतिम सत्यापन रिपोर्ट अदालत में पेश की।
सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार
सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में आरोप पत्र में नामित कुल 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो चुकी है। अदालत ने इन मृत आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही समाप्त करने का आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है।
अदालत ने लैंड फॉर जॉब मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लेने को लेकर आदेश सुनाने के लिए 9 जनवरी की तारीख निर्धारित की है। अब सभी की निगाहें इसी सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले की दिशा तय कर सकती है।







