Bihar diesel scam: बिहार में डीजल घोटाले पर सियासी बवाल, सांसद संजय जायसवाल के गंभीर आरोप

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Bihar diesel scam:

पटना, एजेंसियां। बिहार में एक बार फिर सियासी बवाल मचा है। बेतिया नगर निगम में डीजल चोरी को लेकर सियासत गरमा गई है। बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने नगर निगम में बड़े स्तर पर डीजल घोटाले का आरोप लगाते हुए मेयर गरिमा देवी सिकारिया को इसका ‘मास्टर माइंड’ बताया है। यह विवाद तब और गहराया जब जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पत्र जारी कर पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक की।

सांसद का आरोपः

संजय जायसवाल का कहना है कि उन्होंने 19 सितंबर को नगर निगम से डीजल घोटाले से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे थे और इसे 20 सितंबर को होने वाली सशक्त समिति की बैठक में शामिल करने की मांग की थी। लेकिन, उनकी मांग को एजेंडे में शामिल ही नहीं किया गया।

डीजल निकाल कर बेचने का आरोपः

उन्होंने दावा किया कि नगर निगम की गाड़ियों में डीजल भरने के बाद उन्हें बीआडा स्थित वार्ड पार्षद रोहित सिकारिया के गोदाम पर ले जाया जाता था, जहां से डीजल निकालकर बेच दिया जाता था और फिर गाड़ियां वापस निगम परिसर में खड़ी कर दी जाती थीं।

मेयर पर सीधा हमलाः

सांसद ने मेयर गरिमा देवी सिकारिया पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि निगम के दो कर्मचारी — जुलुम साह और तबरेज, जो डीजल कूपन काटने का काम करते हैं, उन्हें पहले ही हटाने की सिफारिश की गई थी। बावजूद इसके, वे अब भी निगम में कार्यरत हैं और कथित डीजल घोटाले को अंजाम दे रहे हैं।

सबूत छुपाने का आरोपः

जायसवाल ने कहा कि मेयर जानबूझकर डीजल चोरी से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह घोटाला सिर्फ निगम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है।

एसआईटी जांच की मांगः

सांसद ने इस पूरे प्रकरण की एसआईटी (विशेष जांच दल) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वे शहरी विकास मंत्री जीवेश कुमार से मिलकर जांच की मांग करेंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में जिन वार्डों में काम हुआ है, उनकी वीडियोग्राफी कर जांच कराई जाए।

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