Purnia Airport:
पूर्णिया, एजेंसियां। बिहार के सीमांचल और कोसी क्षेत्र का लंबा इंतजार आज खत्म हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्णिया एयरपोर्ट का शुभारंभ किया। यह एयरपोर्ट न केवल बिहार का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है, बल्कि कोलकाता के बाद पूर्वी भारत का भी सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन गया है।
Purnia Airport: आधुनिक सुविधाओं से लैस
रनवे की लंबाई 2800 मीटर, जिससे बड़े विमान जैसे एयरबस और बोइंग आसानी से उतर और उड़ान भर सकेंगे। एयरपोर्ट का 4000 वर्ग मीटर में फैला टर्मिनल भवन पूरी तरह हाईटेक है। भवन को आने वाले 40 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पहले चरण में टर्मिनल की क्षमता 300 यात्रियों की होगी। एयरपोर्ट को अगले चरण में 500 करोड़ रुपये की लागत से और विकसित किया जाएगा। भविष्य में इसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की श्रेणी में शामिल करने की योजना है।
Purnia Airport: पीएम मोदी की पुरानी घोषणा
इस एयरपोर्ट की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने 2 नवंबर 2015 को पूर्णिया में एक चुनावी सभा के दौरान की थी। परियोजना के लिए 69 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई। टर्मिनल भवन पर 46 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
Purnia Airport: किसे होगा लाभ?
सीमांचल और कोसी क्षेत्र के सात जिलों पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा और सुपौल के लोगों को सीधी सुविधा मिलेगी। अब यात्रियों को उड़ान भरने के लिए बागडोगरा या दरभंगा जैसे दूर के एयरपोर्ट पर नहीं जाना होगा। पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल, झारखंड और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी इस एयरपोर्ट का लाभ मिलेगा।
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