Viral fever in Patna
पटना, एजेंसियां। पटना में मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखने लगा है। दिन में धूप और सुबह-शाम ठंड बढ़ने के कारण सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी क्लीनिकों तक मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें सबसे अधिक बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं।
वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के बढ़े मामले
अस्पतालों में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, एलर्जी, सांस की परेशानी, बदन दर्द और जोड़ों के दर्द के मरीज बढ़ गए हैं। पिछले एक सप्ताह में वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से फैला है। कई मरीजों में बुखार उतरने के बाद भी कमजोरी, गले में दर्द और खांसी की शिकायत बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार मौसम का यह बदलाव श्वास, ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है।
डॉक्टरों ने लापरवाही से बचने की दी चेतावनी
गार्डिनर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंड के कारण लोग ठंड को लेकर लापरवाह हो रहे हैं। पंखा और ठंडी चीजों का सेवन सर्दी-खांसी और वायरल फीवर को बढ़ा रहा है।
IGIMS के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने कहा कि बदलते मौसम में ब्लड प्रेशर और शुगर का असंतुलन ब्रेन हेमरेज का खतरा बढ़ा देता है। वहीं कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विष्णु देव प्रसाद ने हृदय रोगियों को खान-पान और पानी के सेवन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।
शिशुओं और बुजुर्गों को रखें सुरक्षित
AIIMS पटना के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनीत के अनुसार कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग वायरल फीवर की चपेट में जल्दी आते हैं। ऐसे में विटामिन-सी युक्त भोजन, मास्क का उपयोग और तापमान संतुलन बेहद जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम को लेकर लापरवाही ही बीमारियों की सबसे बड़ी वजह बन रही है।











